
What is Bima Sugam: हेल्थ इंश्योरेंस हो या टर्म इंश्योरेंस… दिन पर दिन महंगी होती लाइफस्टाइल के बीच यह जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन गया है. सरकार भी हेल्थ इंश्योरेंस के प्रति लोगों को जागरूक कर रही है. इंश्योरेंस और सस्ते इलाज की जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से ‘आयुष्मान भारत योजना’ को शुरू किया गया था. कोरोना महामारी के बाद हेल्थ इंश्योरेंस लेने वालों के आंकड़े भी बढ़े हैं. अगर आप भी हर साल इंश्योरेंस पॉलिसी लेते हैं तो इस खबर के बारे में आपको जानकारी होना जरूरी है. इंश्योरेंस खरीदना अब पहले से सस्ता और आसान होने वाला है.
इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) का डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘बीमा सुगम’ (Bima Sugam) जून से 0 कमीशन वाली इंश्योरेंस पॉलिसी शुरू करने जा रहा है. इससे एजेंट्स को मिलने वाला कमीशन खत्म हो जाएगा और इसका फायदा कंपनियां सीधे ग्राहकों को देंगी. इससे पॉलिसी की कीमत में कमी आने की उम्मीद है और आम आदमी को सस्ता इंश्योरेंस मिलेगा. हेल्थ इंश्योरेंस तक आम आदमी की पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार ने पिछले साल जीएसटी दर को घटाकर 0 कर दिया था.
क्या है बीमा सुगम?
‘बीमा सुगम’ इंश्योरेंस से जुड़ा वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म है. इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये आप लाइफ इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, व्हीकल इंश्योरेंस आदि सभी प्रकार की पॉलिसियां एक ही जगह देखकर ले सकते हैं. इतना ही नहीं, इसके जरिये आप पॉलिसी को कम्पेयर करना, रिन्यूअल करना और क्लेम करने का काम भी कर सकते हैं. यहां से पॉलिसी लेने पर आपको किसी भी प्रकार से एजेंट या मीडिएटर की जरूरत नहीं पड़ेगी.
कब शुरू होगा 0 कमीशन इंश्योरेंस?
मोटर इंश्योरेंस (नई गाड़ियों के लिए) : जून 2026 से शुरू होगा
हेल्थ इंश्योरेंस : अगस्त 2026 से
टर्म लाइफ इंश्योरेंस : सितंबर 2026 तक
अलग-अलग प्रकार के इंश्योरेंस को स्टेप-बॉय-स्टेप शुरू किया जाएगा. शुरुआत में बेसिक और स्टैंडर्ड प्रोडक्ट को लॉन्च किया जाएगा. इसमें कुछ ऐड-ऑन ऑप्शन भी रहेंगे. कंपनियां एजेंट कमीशन की बजाय प्लेटफॉर्म को 5-7% का मिनिमम चार्ज देंगी.
आम आदमी को क्या फायदा?
सस्ती पॉलिसी मिलेगी : कमीशन खत्म होने से कंपनियों की डिस्ट्रीब्यूशन कॉस्ट कम होगी और ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा.
कम्पेयर करना आसान : कंपनियों के स्टैंडर्ड प्रोडक्ट एक जगह मिलेंगे. सही पॉलिसी लेना आसान हो जाएगा.
ट्रांसपेरेंसी : किसी भी तरह से छिपी हुईं शर्तें नहीं होंगी और सब कुछ साफ-साफ रहेगा.
आसान प्रोसेस : eKYC, क्लेम, रिन्यूअल, पोर्टेबिलिटी और शिकायतों का निबटारा, सब एक ही प्लेटफॉर्म पर होगा.
गांव और कस्बों तक इंश्योरेंस की पहुंच आसान होगी.
एजेंट और इंश्योरेंस इंडस्ट्री पर असर
इंश्योरेंस पॉलिसी की बिक्री पर अभी तक एजेंट को 15 से 20 प्रतिशत तक का कमीशन मिलता है. लेकिन ‘बीमा सुगम’ के जरिये यदि आप इंश्योरेंस कराएंगे तो इसमें एजेंट का रोल नहीं रहेगा. हालांकि, एजेंट इस प्लेटफॉर्म के जरिये भी काम कर सकेंगे. इंश्योरेंस कंपनियों की तरफ से नए मॉडल पर सहमति जताई गई है. जानकारों का मानना है कि इससे इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम पूरी तरह बदल जाएगा. इससे कुछ एजेंट्स को शुरुआत में चुनौतियों का सामना करना पड़ा सकता है.
आम आदमी कैसे यूज करेगा?
‘बीमा सुगम’ प्लेटफॉर्म के लाइव होने पर आप वेबसाइट या ऐप के जरिये अपनी जरूरत के अनुसार पॉलिसी को ले सकते हैं. पॉलिसी को लेने से पहले आपके पास कम्पेयर करने की भी सुविधा रहेगा. इसके लिए आप चाहें तो एजेंट की मदद ले सकते हैं, चाहें तो नहीं भी ले सकते. प्लेटफॉर्म पर सभी पॉलिसियों का एक जगह रिकॉर्ड रहेगा, इससे चीजों को मैनेज करने में आसानी होगी.
आपके लिये क्या है मतलब?
इस बदलाव के बाद से इंश्योरेंस लेना पहले से ज्यादा आसान और किफायती हो जाएगा. इस बदलाव को लागू करने के पीछे सरकार का मकसद डिजिटल इंडिया की दिशा में लगातार बढ़ता कदम है. यदि आप नई कार ले रहे हैं, हेल्थ कवर लेना चाहते हैं या फैमिली के लिए टर्म प्लान लेना चाहते हैं तो जून-जुलाई 2026 से आपको सस्ता और स्टैंडर्ड ऑप्शन मिलने शुरू हो जाएगा. IRDAI की कोशिश इंश्योरेंस को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की है.





