मानसून में त्वचा की देखभाल के लिए नीम नंबर वन पर आती है. ये चेहरे पर होने वाले मुंहासे से तो बचाव करती ही है. इसके अलावा फोड़ेफुंसी, फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में भी हेल्पफुल रहती है. नीम की पत्तियों का पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगाया जा सकता है.
इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर नहा सकते हैं तो वहीं इसकी छाल और फल भी काम आते हैं.

मानसून में अगर आपकी स्किन बेजान और खिंचीखिंची महसूस हो रही हो तो आपके लिए एलोवेरा बेस्ट रहेगा. इसका जेल आप सीधे चेहरे पर अप्लाई कर सकते हैं या फिर इसमें विटामिन ई का कैप्सूल, हल्दी, गुलाब जल, शहद जैसी चीजें भी एड की जा सकती हैं. ये स्किन को ग्लोइंग और मुलायम बनाता है. इसी के साथ सूदिंग इफेक्ट देकर पिंपल्स से भी बचाता है.
तुलसी में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. ये स्किन के बैक्टीरिया को नष्ट करके मुंहासों को रोकने और कम करने में मदद करती है. तुलसी डीप क्लींजिंग करके डलनेस हटाती है, जिससे चेहरा चमकदार नजर आता है. ये त्वचा के दागधब्बे, झाइयां कम करने में भी मदद करती है. आप इसका पेस्ट त्वचा पर लगा सकते हैं या फिर पानी में उबालकर टोनर की तरह यूज करें.
पुदीना की पत्तियां त्वचा की इचिंग, इरिटेशन को कम करती हैं और एक्स्ट्रा सीबम को बनने से रोकती हैं. इससे मुंहासे नहीं होते हैं. इसी के साथ फेस पर एक फ्रेशनेस बनी रहती है. पुदीना की पत्तियों का पानी आप टोनर की तरह लगा सकते हैं या फिर दही के साथ इसकी पत्तियों का पेस्ट बनाकर लगाएं.
ग्रीन टी भी आपकी स्किन पर कमाल असर दिखाती है.ये त्वचा को फ्री रेडिकल्स और पॉल्यूशन के डैमेज से बचाती है. इसी के साथ डेड स्किन रिमूव करने में भी मदद करती है. ये अंडर आई सर्कल और टैनिंग को भी कम करने में हेल्पफुल रहती है. ग्रीन टी में मौजूद गुण मुंहासे के बैक्टीरिया को खत्म करते हैं. ग्रीन टी को उबालकर उसमें कुछ बूंद नींबू का रस मिलाकर रोज चेहरे पर लगाना चाहिए.