
गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले में खाकी की साख पर बट्टा लगाने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। धरनावदा थाना क्षेत्र की रूठियाई पुलिस चौकी पर चेकिंग के दौरान एक करोड़ रुपए का संदिग्ध कैश पकड़ने और फिर सौदेबाजी कर उसे छोड़ने के आरोपों ने पुलिस महकमे में हडक़ंप मचा दिया है। मामला तूल पकड़ने और सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक चर्चा का विषय बनने के बाद शनिवार देर रात ग्वालियर डीआईजी अमित सांघी धरनावदा थाने और रूठियाई चौकी पहुंचे, जहां उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों से घंटों सख्त पूछताछ कर रिकॉर्ड खंगालने की जानकारी सामने आई है।
चेकिंग में फंसी गुजरात की कार, फिरशुरू हुआ खेल
सूत्रों के अनुसार, यह पूरी घटना गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात की है। नेशनल हाईवे-46 पर रूठियाई चौकी के पास पुलिस टीम वाहनों की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान गुजरात पासिंग नंबर जीजे 05 आरके 9351 की एक स्कॉर्पियो को रोका गया, जो किसी जीरा कारोबारी की बताई जा रही है। गाड़ी की तलाशी के दौरान उसमें नोटों के बंडल मिले, कुल रकम करीब 1 करोड़ रुपए बताई गई। आरोप है कि इतनी बड़ी राशि पकडऩे के बाद नियमों के तहत आयकर विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बजाय, मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने सेटलमेंट का रास्ता चुना।
गुजरात से आया IPS का फोन, 20 लाख वापस किए
सूत्रों के अनुसार पुलिस और व्यापारी के बीच 20 लाख रुपए में डील फाइनल हुई। पुलिस ने कथित तौर पर 20 लाख रुपए अपने पास रख लिए और बाकी के 80 लाख रुपए के साथ कारोबारी को जाने दिया। मामले में नाटकीय घटनाक्रम के तहत गुजरात से एक आईपीएस अधिकारी का फोन आने के बाद धरनावदा पुलिस ने लिए गए 20 लाख रुपए भी वापस कर दिए। इसी के साथ मामले ने तूल पकड़ लिया।
ग्वालियर DIG की एंट्री और सख्त पूछताछ
हवाला से जुड़े इस संदिग्ध कांड की खबर जैसे ही जिला मुख्यालय से लेकर प्रदेश के गलियारों तक पहुंची, तो प्रशासन सक्रिय हो गया। देर रात ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी अचानक धरनावदा थाने और रूठियाई चौकी पहुंचे। उन्होंने घंटों तक चौकी के रिकॉर्ड खंगाले और घटना के वक्त तैनात पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। सूत्रों का कहना है कि डीआईजी ने बेहद सख्त लहजे में पूछताछ की है और यह जानने की कोशिश की है कि, आखिर इतनी बड़ी बरामदगी को रिकॉर्ड में क्यों नहीं लाया गया और किसके आदेश पर गाड़ी को बिना कार्रवाई के छोड़ा गया। मामला संज्ञान में आते ही जांच शुरू कर दी गई है। किसी भी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। गाड़ी मालिक भी इस तरह की घटना से इंकार कर रहा है। विभाग आंतरिक रूप से जांच कर रहा है
अंकित सोनी, एसपी गुना
फोन के बाद रिफंड की चर्चा
जानकारी अनुसार मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब यह बात सामने आई कि गुजरात के किसी वरिष्ठ IPS अधिकारी का फोन आने के बाद धरनावदा पुलिस ने लिए गए 20 लाख रुपए भी आनन-फानन में वापस कर दिए। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
मामला संज्ञान में आते ही जांच शुरू कर दी गई है
गुना एसपी अंकित सोनी का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी तक किसी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। गाड़ी मालिक ने भी घटना से इनकार किया है, लेकिन पुलिस विभाग अपनी आंतरिक जांच के माध्यम से सच का पता लगाने में जुटा है। यह मामला सिवनी में हुए चर्चित हवाला कांड की याद दिला रहा है, जिसने पुलिस प्रणाली की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।





