
भोपाल: मध्यप्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका के असर से पिछले दो दिनों में 20 से अधिक जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे गेहूं और चने की फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार 27 फरवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके कारण 1-2 मार्च को फिर कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है।
मध्यप्रदेश में आसमान का मिजाज थमने का नाम नहीं ले रहा। ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका के प्रभाव से पिछले दो दिनों में प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी, बारिश और कई जगह ओलावृष्टि दर्ज की गई। लगातार बदलते मौसम ने खासकर गेहूं और चने की तैयार होती फसल पर असर डाला है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
एक साथ कई जिलों में बरसे बादल
मंगलवार को छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल, रतलाम, उज्जैन, बालाघाट, खंडवा, सीहोर, रायसेन, इंदौर, अनूपपुर और डिंडौरी में मौसम अचानक बदला। कहीं तेज हवा के साथ बारिश हुई तो कुछ इलाकों में ओले गिरने से खेतों में पानी भर गया। इससे पहले 24 घंटों में श्योपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई। शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सीधी और सिंगरौली में ओलावृष्टि ने अधिक नुकसान पहुंचाया।
27 फरवरी से फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार 27 फरवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसका असर मध्यप्रदेश में भी दिखाई दे सकता है। अनुमान है कि 1 और 2 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि बुधवार को मौसम साफ रहने के संकेत हैं।
फरवरी में चौथी बार भीगा प्रदेश
फरवरी की शुरुआत से अब तक चार बार ओले और बारिश का दौर आ चुका है। पहले दो चरणों में फसलों को नुकसान के बाद प्रशासन ने सर्वे कराया था। 18 फरवरी से तीसरा दौर शुरू हुआ, जो 21 फरवरी तक चला। इसके बाद 23 और 24 फरवरी को फिर तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। लगातार हो रहे इस बदलाव ने कृषि क्षेत्र में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
दिन में गर्मी, रात में भी कम ठंड
बारिश वाले जिलों में दिन का तापमान कुछ गिरा है, लेकिन अधिकांश हिस्सों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। रात में भी ठंड का प्रभाव कमजोर पड़ गया है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो सबसे कम रहा। इसके अलावा मंदसौर में 10.9 डिग्री, शाजापुर में 11.5 डिग्री, राजगढ़ में 12 डिग्री, खजुराहो में 12.2 डिग्री और दतिया में 12.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।





