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बेडरूम तक पहुंचेगा ईरान युद्ध का असर! देश में बढ़ सकते हैं कंडोम के दाम; 8000 करोड़ की इंडस्‍ट्री को लेकर च‍िंता


इजरायल-अमेर‍िका और ईरान के बीच चल रही जंग रुकने का नाम नहीं ले रही. अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप का रुख कोई भी भांप नहीं पा रहा. वह एक द‍िन युद्ध में नरमी का संकेत देते हैं…लेक‍िन दूसरे ही द‍िन अपनी बात से पलट जाते हैं. युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ताला लगा द‍िया है. यहां से होने वाला समुद्री आयात प्रभाव‍ित हुआ तो कई देशों में तेल और गैस की क‍िल्‍लत हो गई. भारत इस अहम समुद्री रूट के जर‍िये और भी कई चीजों का आयात करता है. इन चीजों में ड्राई फ्रूट से लेकर पेट्रोकेम‍िकल प्रोडक्‍ट तक हैं. पेट्रोकेम‍िकल प्रोडक्‍ट का आयात प्रभाव‍ित होने का असर लाइफस्‍टाइल समेत तमाम इंडस्‍ट्री पर पड़ रहा है. इसका असर आपके बेडरूम में भी द‍िखाई दे सकता है और कंडोम के रेट बढ़ने की उम्‍मीद है.

पेट्रोकेम‍िकल प्रोडक्‍ट की आवक कम होने से इससे बनने वाले प्रोडक्‍ट बाजार में महंगे होने की उम्‍मीद है. इस असर का आम आदमी पर असर कम से कम हो इसके ल‍िए सरकार ने 41 तरह के पेट्रोकेम‍िकल प्रोडक्‍ट से गुरुवार को कस्‍टम ड्यूटी भी हटा दी. लेक‍िन इंडस्‍ट्री से जुड़ी कंपन‍ियों की च‍िंता बरकरार है. आम आदमी की लाइफस्‍टाइल से जुड़ी कंडोम बनाने वाली इंडस्ट्री में अजीब सी बेचैनी है. कंडोम तैयार करने में यूज होने वाले प्रोडक्‍ट की सप्‍लाई में रुकावट के कारण इसका असर इनके दाम पर भी देखा जा सकता है.

पेट्रो केमिकल प्रोडक्ट, स‍िल‍िकॉन ऑयल और अमोनिया की सप्‍लाई सुचारू नहीं होने से इनसे तैयार क‍िये जाने वाले प्रोडक्‍ट महंगे होने की चर्चा है. कंडोम को तैयार करने में भी इन प्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल होता है, ज‍िसका असर होलसेल के साथ रीटेल पर भी द‍िखाई देगा. इंडस्ट्री सूत्रों का कहना है देश में 8000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा वाली इस इंडस्‍ट्री के कारोबार‍ियों का साफ कहना है क‍ि अमोनिया के रेट में 40-50 प्रत‍िशत तक का इजाफा हो सकता है. इस कारण सिलिकॉन ऑयल के भी दाम बढ़ सकते हैं.

लुब्रिकेंट के तरह काम करता है सिलिकॉन ऑयल
कंडोम पर सिलिकॉन ऑयल की कोट‍िंग की जाती है, ज‍िससे यह लुब्रिकेंट के तौर पर काम करता है. इंडस्ट्री में आ रही इस समस्‍या का असर सरकार के परिवार नियोजन कार्यक्रम पर भी पड़ सकता है. आपको बता दें पीवीसी फाइल, एल्युमिनियम फाइल और पैकेज‍िंग मैटेर‍ियल की सप्‍लाई में रुकावट से कीमत में तेजी आना तय है. दूसरी तरफ लॉजिस्टिक्स इश्‍यू भी बना हुआ है. समुद्री रास्‍ते से सामान का आवागमन भी प्रभाव‍ित हुआ है. समुद्र के जर‍िये माल ढुलाई का समय एक हफ्ते से बढ़कर तीन हफ्ते तक पहुंच गया है.

सरकार ने राहत देने के ल‍िये उठाया कदम
गुरुवार को फाइनेंस म‍िन‍िस्‍ट्री की तरफ से जारी नोट‍िफ‍िकेशन में कहा गया क‍ि 41 जरूरी पेट्रोकेमिकल आइटम पर कस्टम ड्यूटी को जीरो कर द‍िया गया है. सरकार ने यह कदम 2 अप्रैल 2026 से लेकर 30 जून 2026 तक यानी तीन महीने के ल‍िए उठाया है. यह कदम भी आम आदमी को राहत देने के ल‍िए उठाया गया. सरकार इसके जर‍िये प्लास्टिक, पैकेज‍िंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल, केमिकल, ऑटोमोटिव पार्ट्स और दूसरे अन्‍य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा देना चाहती है.

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