
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बीपीएससी से 45 हजार नये पदों पर शिक्षकों की बहाली जल्द होगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गयी है। सीएम शुक्रवार को समृद्धि यात्रा के दौरान गया के टनकुप्पा स्थित बिहार पोषक अनाज एवं मूल्य शृंखला उत्कृष्टता केंद्र और औरंगाबाद में बारूण के मुंशी बिगहा में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। समृद्धि यात्रा पर मुख्यमंत्री शुक्रवार को औरंगाबाद भी पहुंचे। 20 मार्च को इसके चौथे चरण का समापन हो गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 के पहले स्थिति काफी खराब थी। बहुत कम बच्चे पढ़ते थे। लेकिन हमारी सरकार बनने के बाद सर्वप्रथम शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया गया। हमलोगों ने नियोजित शिक्षकों की बहाली की। बड़ी संख्या में नये स्कूल खोले और लड़के-लड़कियों के लिए पोशाक एवं साइकिल योजना चलायी। सीएम ने कहा कि वर्ष 2023 से बीपीएससी द्वारा 2.58 लाख सरकारी शिक्षकों की बहाली की गयी है। वर्ष 2006 से 3.68 लाख नियोजित शिक्षक बने थे जिनमें से बीपीएससी द्वारा 28976 सरकारी शिक्षक बन गये।
सीएम ने कहा कि सरकार ने तय किया कि नियोजित शिक्षकों को बीपीएससी की परीक्षा देने की जरूरत नहीं है। उन्हें मामूली सी परीक्षा लेकर सरकारी शिक्षक बनाया जाए। 4 परीक्षाओं में 2 लाख 66 हजार नियोजित शिक्षक पास हो गये हैं। अब कुल मिलाकर सरकारी शिक्षकों की संख्या 5.24 लाख हो गयी है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी, उद्योग मंत्री सह गया जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, लघु जल संसाधन संतोष कुमार सुमन उपस्थित थे।
नीतीश कुमार ने कहा कि आप सब जानते हैं कि 24 नवंबर 2005 को पहली बार एनडीए सरकार बनी तब से राज्य में कानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं। अब किसी प्रकार के डर एवं भय का वातावरण नहीं है। राज्य में प्रेम, भाईचारा एवं शांति का माहौल है। बीते वर्षों में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 40 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। दोनों को मिलाकर 50 लाख युवाओं को नौकरी एवं रोजगार दिया गया है। अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इस काम को समय के साथ पूरा किया जाएगा।





