Wednesday, February 25, 2026
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बिहार में स्कूलों और धार्मिक, स्थलों के पास मांस-मछली की बिक्री पर लगेगा प्रतिबंध नीतीश सरकार ने कर ली तैयारी

बिहार में स्कूलों और धार्मिक, स्थलों के पास मांस-मछली की बिक्री पर लगेगा प्रतिबंध नीतीश सरकार ने कर ली तैयारी

पटना: बिहार में अब कहीं भी रोड के किनारे चिकन-मटन-फिश की बिक्री नहीं होगी। कॉलेज और मंदिर-मस्जिदों के आसपास खुले में मांस-मछली बेचना जल्द ही बीते दौर की बात हो जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के सार्वजनिक स्थानों, पूजा स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के पास चल रही मांस-मछली की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर ली है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ये कदम न केवल जन स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए है, बल्कि बच्चों को हिंसक प्रवृत्तियों से बचाने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।

बिहार में कहीं भी नहीं मिलेगा चिकन-मटन
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर जोर देते हुए कहा कि अस्वच्छ परिस्थितियों में मांस की बिक्री से बीमारियों का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, स्कूलों के पास ऐसे वातावरण से बच्चों के कोमल मन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो उनमें हिंसक व्यवहार को बढ़ावा दे सकता है। सरकार का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों के पास एक शांत और स्वच्छ वातावरण होना अनिवार्य है।

लाइसेंस धारकों पर भी लागू होगा नियम
सरकार ने साफ कर दिया है कि ये प्रतिबंध सभी के लिए होगा। प्रस्तावित नियमों के तहत, उन विक्रेताओं को भी राहत नहीं दी जाएगी, जिनके पास वैध लाइसेंस है। अगर किसी की दुकान धार्मिक स्थल या स्कूल के दायरे में आती है, तो उसे वहां से हटना ही होगा। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली दुकानें सामाजिक समरसता के लिए खतरा पैदा करती हैं।

हम भोजन की स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं, लेकिन सामाजिक सद्भाव बने रहना चाहिए। किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए और जन स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा।

अवैध दुकानों के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
बिहार शहरी विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के सभी नगर निकायों को युद्धस्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, बिना लाइसेंस के चल रही अवैध दुकानों को तत्काल बंद किया जाएगा। अधिकारियों ने पाया कि कई दुकानें ‘बिहार नगर पालिका अधिनियम’ का उल्लंघन कर रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और स्वच्छता दोनों प्रभावित हो रही हैं।

‘हम भोजन की स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं’
उपमुख्यमंत्री सिन्हा ने कहा कि सरकार किसी की व्यक्तिगत भोजन की पसंद में दखल नहीं करना चाहती, लेकिन सार्वजनिक भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, ‘हम भोजन की स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं, लेकिन सामाजिक सद्भाव बने रहना चाहिए। किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए और जन स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा।’

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