
एक तरफ दावा किया जा रहा है कि देश में एलपीजी को लेकर कहीं दिक्कत नहीं है. लोगों को सावधान रहने की अपील की जा रही है. इस बीच अब संकट के बीच हैरान करने वाली खबर सामने आई है. गैस की बुकिंग के लिए नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं.
पहले यह समझिए कि एलपीजी संकट को देखते हुए पहले शहरी क्षेत्र में 25 दिन पर गैस का नंबर लगता था. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों पर नंबर लग रहा था. अब इसमें बदलाव की खबर है. अब कहा जा रहा है कि उपभोक्ताओं को 35 दिनों पर नंबर लगाना होगा. इसके लिए सभी गैस एजेंसियों को सूचना दे दी गई है.
अभी कंपनी की ओर से कैटेगरी तय नहीं
सवाल है कि आखिर 35 दिनों के बाद किसे नंबर लगाना होगा? क्या ये नियम शहरी क्षेत्र के लिए है या फिर ग्रामीण क्षेत्र के लिए? डिटेल में समझने के लिए एबीपी न्यूज़ ने पटना के एक गैस एजेंसी संचालक से इस संबंध में सवाल किया. एजेंसी के संचालक का कहना है कंपनियों ने अभी मोबाइल पर सूचना दी है कि 35 दिनों पर नंबर लगेगा, लेकिन कैटेगरी नहीं भेजी गई है कि किसे 35 दिन पर नंबर लगाना है.
आज सब कुछ हो सकता है क्लियर
संचालक ने बताया कि इसमें कैटेगरी अलग-अलग होगी. डबल सिलेंडर वाले की अलग कैटेगरी, सिंगल सिलेंडर की अलग कैटेगरी, बीपीएल की अलग और उज्ज्वला योजना की अलग कैटेगरी होगी. उम्मीद है कि आज (बुधवार, 25 मार्च, 2026) सब कुछ क्लियर हो जाएगा. नियमों का चार्ट भी आ जाएगा.
इस खबर के सामने आने के बाद साफ तौर पर यह संकेत मिल रहा है कि वैश्विक युद्ध के बीच संकट को देखते हुए इस तरह का निर्णय लिया गया होगा. 35 दिनों पर बुकिंग के अलावा एक और नियम लाया गया है कि जो व्यक्ति 9 महीने तक एजेंसी से गैस नहीं लेते हैं तो उनका कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा. हालांकि केवाईसी के बाद गैस सिलेंडर मिल जाएगा. कुल मिलाकर यह लग रहा है कि सरकार नियमों को लाकर एलपीजी के खर्च को बैलेंस करना चाहती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही सभी राज्यों से सहयोग करने का अनुरोध किया है.





