
बिहार के वैशाली से दुखद खबर सामने आई. यहां एक छात्रा 10वीं बोर्ड का रिजल्ट देख भावुक हो गई. वह चुपचाप अपने कमरे में चली गई और भीतर से कुंडी लगा ली. काफी देर बाद जब उसकी बहन कमरे में पहुंची, तो उसके पैरों जमीन खिसक गई. छात्रा ने खुद को फंदे से लटका लिया था. उसके चीख-पुकार मचाई, तो परिवार इकट्ठा हुआ और छात्रा को नीचे उतारा गया. वह अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है.
वैशाली जिले के सदर थाना इलाके स्थित आस्तीपुर गांव में मैट्रिक परीक्षा के परिणाम के बाद एक 15 वर्षीय छात्रा ने गंभीर कदम उठा लिया. रिजल्ट में असफल होने से आहत छात्रा घर के एक कमरे में चली गई. कुछ देर बाद जब उसकी बहन वहां पहुंची और अंदर का दृश्य देखा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई और उसने तुरंत शोर मचाया. आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और छात्रा को तुरंत नीचे उतारकर बचाने की कोशिश की.
छात्रा का इलाज चल रहा
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बेहोशी की हालत में छात्रा को हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज जारी है. डायल 112 के पुलिसकर्मी विजय कुमार उरांव ने बताया कि देर रात सूचना मिली थी कि एक छात्रा परीक्षा में असफल होने के कारण खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई की और समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाया.
गौरतलब है कि कल यानी रविवार दोपहर को बिहार बोर्ड मैट्रिक का रिजल्ट जारी किया गया था. इसमें सिमुलता आवासीय विद्यालय की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की सबरीन प्रवीन ने 492 यानी 98.4% संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया. दोनों लड़कियों बिहार स्टेट टॉपर बनी. बिहार बोर्ड 10वीं का कुल पास परसेंटेज 81.79 फीसदी दर्ज किया गया. 10वीं की परीक्षा में असफल होने वाले स्टूडेंट्स 01 से 07 अप्रैल 2026 के बीच कंपार्टमेंट परीक्षा का फॉर्म भर सकेंगे.





