
नालंदाः बिहार में नालंदा के पीके गन हाउस पर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और आतंकवाद-विरोधी दस्ता (ATS) ने मंगलवार को रेड मारी. सुबह से शाम तक चली रेड में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. गन हाउस का संचालक अपने बिजनेस की आड़ में कारतूस की तस्करी कर रहा था. वह अलग-अलग राज्यों हरियाणा, झारखंड, यूपी, बिहार में AK47 से लेकर कई बंदूकों की गोलियां सप्लाई करता था. अब उसकी क्राइम कुंडली निकलकर सामने आ गई.
जांच में सामने आया कि ज्वेलरी शॉप और गन हाउस की आड़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारतूस तस्करी का सिंडिकेट चल रहा था. इस नेटवर्क का मुख्य आरोपी सत्येंद्र सिंह AK-47 की गोलियों की सप्लाई करता था और CSP केंद्रों के जरिए पैसों का लेन-देन करता था. छापेमारी के दौरान उसके ठिकाने से डिजिटल साक्ष्य और एक डायरी बरामद की गई है. बताया जा रहा है कि सत्येंद्र सिंह पहले भी 2001 और 2009 में अवैध हथियारों के साथ पकड़ा जा चुका है.
कई राज्यों तक फैला था तस्करी का नेटवर्क
यह गिरोह बिहार, झारखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कानपुर तक फैला हुआ है. गिरोह के सदस्य कानपुर की लाइसेंसी दुकानों से गोलियां खरीदते थे, जबकि हरियाणा के कुरुक्षेत्र से इसकी फंडिंग और सप्लाई नियंत्रित होती थी. इस मामले में NIA पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें हरियाणा से विजय कुश कालरा और बिहार से मो. परवेज आलम, शशि और रविरंजन शामिल हैं.
बीते साल STF ने भी कार्रवाई करते हुए परवेज आलम समेत कई तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए थे. फिलहाल NIA ने हिलसा और चिकसौरा स्थित CSP केंद्रों से डिजिटल गैजेट्स और CCTV DVR जब्त किए हैं. इनकी जांच जारी है और एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं.





