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बहरे बनकर नौकरी पाई, जांच में सही निकले कान, जयपुर में दिव्यांग सर्टिफिकेट का खेल


जयपुर: राजस्थान में सरकारी भर्तियों में एक के बाद बड़े खुलासे हो रहे हैं। वहीं भर्तियों में फर्जीवाड़े के खिलाफ मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसओजी ने एक और बड़े स्कैम का पर्दाफाश कर दिया है। दरअसल, प्रदेश की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी पा ली। इस पूरे मामले का पर्दाफाश करने के बाद नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के साथ-साथ, अब उन पर मुहर लगाने वाले डॉक्टरों और सौदेबाजी करने वाले बिचौलियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

40 परसेंट से कम दिव्यांगता, फिर भी बन गए हकदार
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने डॉक्टरों से सांठगांठ कर डिजिटल आईडी का दुरुपयोग किया और फर्जी तरीके से प्रमाण-पत्र जारी करवाए। लोकोमोटर दिव्यांगता की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि 44 अभ्यर्थी ऐसे पाए गए, जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत से कम थी, यानी वे नियमानुसार आरक्षण के पात्र ही नहीं थे। बावजूद इसके, फर्जी दस्तावेजों के दम पर उन्होंने नियुक्तियां हासिल कर लीं।

एसओजी की रडार पर ये बड़ी भर्तियां
अब तक की जांच में साल 2015 से 2023 के बीच हुई कई महत्वपूर्ण भर्तियां जांच के घेरे में हैं
रीट (REET)-2022 (लेवल-1 और 2)
वरिष्ठ अध्यापक एवं स्कूल व्याख्याता भर्ती
असिस्टेंट प्रोफेसर व सहायक आचार्य भर्ती
पशु चिकित्सक सीधी भर्ती, एएनएम (ANM)
कनिष्ठ सहायक, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और कृषि पर्यवेक्षक भर्ती।

एसएमएस मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट ने खोली पोल
एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, एसओजी को 27 गंभीर शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद संदिग्ध अभ्यर्थियों का सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से दोबारा परीक्षण कराया गया। रिपोर्ट में साफ़ हुआ कि ये अभ्यर्थी आरक्षण के दायरे से बाहर हैं। हालांकि, एक अभ्यर्थी को जांच के बाद क्लीन चिट दी गई है जो वास्तव में दिव्यांग पाया गया।

इन लोगों पर हुई एफआईआर दर्ज
एसओजी ने इस मामले में न केवल अभ्यर्थियों बल्कि फर्जीवाड़े करने वाले आरोपियों और साथ देने वाले डॉक्टरों पर भी केस दर्ज किया गया है।
अभ्यर्थी: हन्दू गुर्जर, तगाराम, किशोर सिंह, महेश कुमार, लोकेश, नरेश, अरविंद, ललिता, पिंकी कुमारी, महिपाल सिंह, मनीष, भानुप्रताप सहित दो दर्जन से अधिक नाम।

डॉक्टर और बिचौलिए: डॉ. रामलाल, डॉ. संकनालाल मीणा, डॉ. प्रकाश कुमार वर्मा के साथ-साथ सवाई सिंह गुर्जर, रणजीत सिंह, सत्यपाल सिंह, हेमंत सिंह राठौड़ और विनोद कंवर शेखावत जैसे बिचौलियों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

जल्द ही हो सकते हैं नए खुलासे भी
एसओजी की इस कार्रवाई से प्रशासनिक अमले और चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।

khabarmonkey@gmail.com

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