
Deep Sleep Tips: ऑफिस में 9 से 10 घंटे लैपटॉप के आगे बैठे रहना, फोन पर लगातार रील्स स्क्रॉल करना, हमारी गैजेट्स पर बढ़ती इतनी ज्यादा निर्भरता हमें बीमारियों का कारण बना रही है. बिजी लाइफस्टाइल में स्क्रीन का लगातार इस्तेमाल करने से अनिद्रा की समस्या आम हो गई है. दिनभर की मेंटल और फिजिकल थकान के कारण नींद से जुड़ी समस्याएं होने लगी हैं. ऐसे में नेशनल हेल्थ मिशन ने लोगों को बेहतर और गहरी नींद पाने के लिए जरूरी सलाह दिए हैं.
सोने से 1 घंटे पहले क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट के अनुसार, सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल, टीवी, लैपटॉप या किसी भी स्क्रीन का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर देना चाहिए. स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट (नीली रोशनी) दिमाग को एक्टिव रखती है और मेलाटोनिन हार्मोन को दबा देती है, जो नींद लाने में मदद करता है. इस वजह से नींद आने में देरी होती है, नींद टूटी-टूटी रहती है. लिहाजा सुबह उठने पर थकान, चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ जाता है.
नींद न आने की आदत पैदा कर सकती है ये बीमारी
लंबे समय तक यह आदत स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है, जैसे कमजोर इम्युनिटी, एकाग्रता की कमी, मोटापा और दिल की बीमारियों का खतरा. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाना गहरी और आरामदायक नींद के लिए सबसे आसान और प्रभावी तरीका है. शाम को शांत गतिविधियां अपनाएं, जैसे कोई अच्छी किताब पढ़ना, लाइट म्यूजिक सुनना, गहरी सांस या डीप ब्रीदिंग, परिवार में हल्की-फुल्की बातचीत करने के साथ ही हल्की स्ट्रेचिंग या ध्यान करना.
कैसे करता है मदद?
ये गतिविधियां मन को शांत करती हैं, तनाव कम करती हैं और शरीर को नींद के लिए तैयार करती हैं. साथ ही सोने का समय रोज एक जैसा रखें, कमरे को अंधेरा और ठंडा बनाएं और कैफीन या भारी भोजन रात में न लें.
क्या कहता है एक्सपर्ट?
विशेषज्ञों का कहना है कि 7-8 घंटे की अच्छी नींद हर उम्र के लिए जरूरी है. खासकर युवा और बच्चे ज्यादा स्क्रीन टाइम की वजह से नींद की कमी झेल रहे हैं. अगर आप भी रात में देर तक फोन स्क्रॉल करते हैं और सुबह थकान महसूस करते हैं, तो आज से ही इस आदत को बदलने की कोशिश करें.करने आ रही है MG Majestor! लॉन्च से पहले सामने आया दमदार लुक





