Friday, February 27, 2026
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे हादसे के बाद कड़े निर्देश, अन्य राज्यों से यूपी आई बसों की होगी जांच

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे हादसे के बाद कड़े निर्देश, अन्य राज्यों से यूपी आई बसों की होगी जांच

लखनऊ। यूपी के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे के बाद अब अन्य राज्यों से आने वाली बसों की जांच का निर्णय किया गया है। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने इसे लेकर कड़े निर्देश दिए हैं।

यूपी के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे के बाद अब अन्य राज्यों से आने वाली बसों की जांच का निर्णय किया गया है। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने इसे लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। कहा है कि अगर वाहनों की जांच में ढिलाई मिली या जिस क्षेत्र में यात्री वाहन से दुर्घटना होगी वहां के अफसरों को दंडित किया जाएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा है कि प्रथम दृष्टया दुर्घटनाग्रस्त बस की बॉडी कोड मानक के अनुरूप नहीं थी।

आपातकालीन द्वार के सामने सीट लगाई गई थी, जो स्पष्ट रूप से बस बाडी कोड का उल्लंघन है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए मानकों का अनुपालन जरूरी है। भविष्य में अनदेखी न हो सुनिश्चित किया जाए।सभी राज्यों की सभी बसों की जांच होगी। अनुमन्य संख्या से अधिक यात्री और अन्य मानकों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। कहा है कि अगर वाहनों की जांच में ढिलाई मिली या जिस क्षेत्र में यात्री वाहन से दुर्घटना होगी वहां के अफसरों को दंडित किया जाएगा। ये भी पढ़ें:12 की जगह छह घंटे में मेरठ से प्रयागराज, गंगा एक्सप्रेस का काम पूरा, ट्रायल जारी

यूपी में 43 चालान फिर भी दौड़ती रही मौत की बस पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर गोसाईगंज में टोल प्लाजा के पास हादसाग्रस्त बस संख्या एचआर-55-एफ-1323 का पांच साल में 73 बार चालान किया जा चुका है। इसमें सबसे अधिक चालान 43 उत्तर प्रदेश में किए गए हैं। बावजूद इसके बस का न तो पंजीकरण निलंबित किया गया और न ही चालक का ड्राइविंग लाइसेंस। जबकि, प्रदेश में पांच या उससे अधिक बार चालान पर वाहन का पंजीकरण व ड्राइवर का डीएल निलंबित किए जाने के निर्देश हैं। इस निर्देश पर अब तक लखनऊ आरटीओ 10 से अधिक वाहनों का पंजीकरण और उसके ड्राइवर का डीएल निलंबित भी कर चुका है।

उक्त बस का पंजीकरण हरियाणा प्रदेश के गुरुग्राम स्थित आरटीओ कार्यालय में 14 मार्च 2019 में प्रदीप कुमार के नाम से पंजीकरण किया गया था। तब से लेकर अब इस बस का उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जयपुर, दिल्ली और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर 73 बार मोटर व्हीकल एक्ट अधिनियम और सेल्स टैक्स में चालान किया जा चुका है। बताया जाता है कि जुर्माना भरते हुए बस मालिक ने इसमें से 50 चालानों का निस्तारण भी करवा लिया है। शेष चालान पेडिंग हैं। हैरानी की बात है कि इस बस ने उत्तर प्रदेश से होते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, अयोध्या सहित बिहार के विभिन्न शहरों के सर्वाधिक चक्कर काटे हैं। प्रदेश में ही 43 से अधिक बार इसका चालान हो चुका है। बावजूद इसके किसी भी शहर के आरटीओ ने पांच बार से अधिक चालान में बस का पंजीकरण निलंबित करने के लिए न तो नोटिस दी और न ही इस दिशा में कोई कार्रवाई ही की। नतीजतन, चालान पर चालान होने के बावजूद बस बेधड़क उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से होते हुए गुजरती रही।

लखनऊ में इन स्थानों पर हुए चालान पूर्वांचल एक्सप्रेस वे सोमवार को हादसाग्रस्त हुई बस संख्या एचआर-55-एफ-1323 का पांच साल में सबसे ज्यादा चालान उत्तर प्रदेश में 43 हुए हैं। इसमें 27 चालान लखनऊ में हुए हैं। इनमें शहीद पथ, ट्रांसपोर्ट नगर, गोसाईगंज, किसान पथ, रायबरेली रोड, जुनैबगंज, सरोजनी नगर, नरौना, देहवा, औरंगाबाद खास, मानसरोवर योजना सेक्टर ओ, मोहारीखुर्द, आगरा एक्सप्रेस आदि स्थान शामिल हैं।

इन शहरों में हुए चालान बस संख्या एचआर-55-एफ-1323 का 27 बार लखनऊ आरटीओ क्षेत्र में चालान किया गया है। गोरखपुर, गाजियाबाद,सहारनपुर, आजमगढ़, नोएडा, आगरा, कानपुर और अयोध्या क्षेत्र में भी चालान किए जा चुके हैं।

सबसे अधिक एक बार जुर्माना बिहार में बस संख्या एचआर-55-एफ-1323 का 73 बार हुए चालान में 17,62, 148 रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है। इसमें सबसे अधिक एक बार में जुर्माना बिहार के सुपौल में लगाया गया, जो कि 2,29,500 रुपये का था। सेल्स टैक्स अधिनियम के उल्लंघन में यह जुर्माना लगाया गया था।

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