समंदर की गहराइयों में पाए जाने वाले जीवों के बारें आज भी वैज्ञानिक खोज कर रहे हैं. वैसे क्या आप जानते हैं कि इस समंदर में एक जीव ऐसा भी है, जिसके पास ना तो दिल होता है और ना ही दिमाग! अब आपके मन में ये सवाल उठ रहा होगा कि ये जीव जिंदा कैसे रह सकता है. आइए जानते हैं कि इसके बारे में…

हम बात कर रहे हैं स्टारफिश के बारे में, जिसका शरीर एक खास तरह के तंत्रिका तंत्र पर काम करता है. इसके पास दिमाग नहीं होता, बल्कि इसके मुंह के चारों ओर एक नर्व रिंग होती है. यही नर्व रिंग इसके पूरे शरीर की गतिविधियों को कंट्रोल करती है. इसके अलावा, इसकी हर भुजा में रेडियल नर्व्स फैली होती हैं, जो अलग-अलग दिशाओं में संकेत भेजती हैं और स्पर्श तथा हरकत को संभालती हैं. इस तरह इसका पूरा शरीर एक ही सेंटर से नहीं, बल्कि कई हिस्सों के मिलकर काम करने से संचालित होता है. इस प्रणाली को Decentralized System कहा जाता है.
क्यों खास है ये जीव
स्टारफिश की एक और अनोखी विशेषता यह है कि इसके शरीर में खून नहीं होता. इसकी जगह समुद्री पानी ही इसके शरीर में घूमता रहता है. यह पानी एक खास Water Vascular System के जरिए शरीर में पंप किया जाता है. इसी पानी के माध्यम से ऑक्सीजन और जरूरी Nutrients इसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचते हैं. यही प्रणाली इसे जीवित रखने और सक्रिय बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है.
हालांकि इसके पास दिमाग नहीं होता, फिर भी यह अपने आसपास के वातावरण को समझने में सक्षम होती है. इसकी हर भुजा के सिरे पर छोटी-छोटी आंखों जैसी संरचनाएं होती हैं, जिन्हें आईस्पॉट्स कहा जाता है. ये आईस्पॉट्स रोशनी और अंधेरे के बीच फर्क करने में मदद करती हैं. इसके अलावा, स्टारफिश स्पर्श और गंध को भी महसूस कर सकती है, जिससे वह अपने आसपास के माहौल के अनुसार रिएक्शन दे पाती है.
स्टारफिश की सबसे चौंकाने वाली क्षमताओं में से एक है उसकी रीजनरेशन क्षमता होती. अगर किसी कारण इसकी कोई हाथ कट जाए, तो यह उसे हमेशा के लिए नहीं खोती. समय के साथ वह उस खोई हुई हाथ को फिर से विकसित कर लेती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इनकी कुछ प्रजातियों में तो यह क्षमता इतनी अधिक होती है कि एक हाथ से पूरा नया शरीर भी बन सकता है. यही गुण इसे अन्य समुद्री जीवों से अलग और खास बनाता है.
अब बात करते हैं इसके चलने के तरीके की. स्टारफिश बहुत धीरे-धीरे चलती है, लेकिन उसका तरीका बेहद दिलचस्प होता है. इसके शरीर के नीचे सैकड़ों छोटे-छोटे ट्यूब फीट होते हैं. ये ट्यूब फीट पानी के दबाव यानी हाइड्रोलिक सिस्टम के जरिए काम करते हैं. जब पानी इन ट्यूब फीट में दबाव बनाता है, तो वे आगे-पीछे होकर स्टारफिश को रेंगने में मदद करते हैं. इसी प्रणाली के कारण यह समुद्र की सतह पर आसानी से चल पाती है.





