दुनिया के सबसे दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे ने बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है. कंपनी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी. अब बफे चेयरमैन एमेरिटस की भूमिका में रहेंगे. हालांकि, वह कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बने रहेंगे और अपने अनुभव व सलाह से बर्कशायर हैथवे को मार्गदर्शन देते रहेंगे.

कंपनी की लंबे समय से चली आ रही उत्तराधिकार योजना के तहत बफे के बेटे हॉवर्ड बफे को बर्कशायर हैथवे का नया चेयरमैन चुना गया है. हॉवर्ड 1993 से कंपनी के डायरेक्टर हैं. वहीं, ग्रेग एबेल बर्कशायर हैथवे के CEO के पद पर बने रहेंगे. सुसान डेकर भी लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की अपनी भूमिका जारी रखेंगी.
अमेरिकी कारोबार बफे का प्रभाव
ग्रेग एबेल ने बर्कशायर हैथवे के बोर्ड की ओर से कहा कि कंपनी और उसके शेयरधारकों पर वॉरेन बफे का प्रभाव अमेरिकी कारोबार के इतिहास में सबसे अलग रहा है. उन्होंने कहा कि बफे ने कंपनी में जो संस्कृति और मूल्य बनाए हैं, वे आगे भी बर्कशायर हैथवे के केंद्र में रहेंगे. हॉवर्ड बफे इन मूल्यों की देखरेख करेंगे.
हॉवर्ड बफे कब बने ते चैयरमैन
हॉवर्ड बफे 1999 से Howard Buffett Foundation के चेयरमैन और प्रमुख हैं. यह संस्था दुनियाभर में खाद्य सुरक्षा और संघर्ष कम करने जैसे मुद्दों पर काम करती है. वह कई सार्वजनिक और निजी कंपनियों के बोर्ड में भी रह चुके हैं. इसके अलावा, वह करीब एक दशक तक वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के लिए भूख के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के सद्भावना राजदूत भी रहे. इस बदलाव के बाद वॉरेन बफे बर्कशायर हैथवे से पूरी तरह अलग नहीं हुए हैं. वह बोर्ड में बने रहेंगे और कंपनी को अपनी सलाह देते रहेंगे. यह बदलाव कंपनी की पहले से तय लीडरशिप सक्सेशन प्लान का एक अहम हिस्सा है.