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जंग के 34वें दिन ईरान की अमेरिका को धमकी, IRGC ने कहा- ‘ट्रैप में फंसे लोगों को हमारी ताकत का अंदाजा नहीं’


Iran Vs US-Israel: जुमेरात के दिन ईरान की फौज ने अमेरिका और इजरायल को ओपन चैलेंज करते हुए उन्हें धमकाते हुए बड़ा बयान दिया है. यूं तो अमेरिका की सेंट्रल कमांड और ईरान की फौज लगभग रोज ही अपनी रुटीन प्रेस कॉन्फ्रेंस करती हैं, लेकिन ईरान के तेवर 2 अप्रैल को कुछ ज्यादा ही कड़क और तीखे नजर आए. ईरान की सेना के प्रवक्ता ने कहा कि होर्मुज सिर्फ अमेरिका और उनके सहयोगियों के लिए ही बंद है. जैसा कि हम पहले ही कह चुके हैं, हम अमेरिका-इजरायल के अपने दुश्मनों से यह कहना चाहते हैं कि हमारी सैन्य शक्ति और उपकरणों के बारे में आपकी जानकारी अधूरी है.

IRGC के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमारी अत्यंत व्यापक और रणनीतिक क्षमताओं के बारे में दुश्मन कुछ भी नहीं जानता. वो गलतफहमी पाले हुए हैं. हमारे दुश्मन मुगालते में हैं कि उन्होंने ईरान की रणनीतिक मिसाइलों, लंबी दूरी के आक्रामक ड्रोन, एयर डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरणों और ड्रोन फैक्ट्री के साथ मिसाइल प्रोडक्शन सेंटर्स को नष्ट कर दिया है. ऐसी धारणा बनाकर आप खुद अपने उस दलदल को और गहरा कर रहे हैं, जिसमें पहले ही फंस चुके हैं.’

‘हमारी खामोशी कमजोरी नहीं’
ईरान ने ये भी कहा, ‘हम पहले ही ये साफ कर चुके हैं कि अबतक जिन ठिकानों को आपने निशाना बनाया है, वो दुश्मन के लिए अहम थे, लेकिन हमारे लिए वो हमारी रणनीति का हिस्सा थे. हमारी रणनीतिक सैन्य उत्पादन गतिविधियां उन स्थानों पर होती हैं, जिनके बारे में आपको जानकारी नहीं है. हमें पूरा यकीन है कि दुश्मन फौज कभी वहां तक नहीं पहुंच पाएगी. युद्ध दुश्मनों ने शुरू किया. पहला वार उन्होंने किया. हम जवाब दे रहे हैं. हमारी रणनीति है कि दुश्मन पहले हमला करे, हम बाद में जवाब देंगे. दुश्मन को इस जंग से कुछ भी हाथ नहीं लगेगा.’

अमेरिका को सरेंडर करना होगा: IRGC
आईआरजीसी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेस या कथित वीडियो संदेश में ये भी कहा, ‘हमारे सम्मानित मुस्लिम राष्ट्र के विरुद्ध आपने जो आक्रामकता शुरू की है, उसकी कीमत आपको चुकानी ही होगी. यह जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक आपकी अपमानजनक हार नहीं हो जाती, जो तय है. दूसरी बात यह भी तय हैं कि हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक आप पश्चाताप या ईरान के आगे आत्मसमर्पण नहीं करते.’

ईरान के सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करने वाली आईआरजीसी ने यह भी कहा, ‘दम हो तो रोक लो वरना, हमारे भीषण हमलों को सहने के लिए तैयार रहो.’

क्या है आईआरजीसी?
ईरान की संगठनात्मक व्यवस्था बहुत मजबूत है. यही वजह है कि मिडिल ईस्ट में जंग के 34वें दिन भी वो मजबूती से टिका है. अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन और ईरान में कासिम सुलेमानी समेत गाजा और दुनियाभर में हमास की आला लीडरशिप को ‘पाताल’ में खोजकर वहीं गाड़ चुकी थी, वो 2 लाख सैनिकों वाली ईरान की सुप्रीम फोर्स IRGC की सेकेंड और थर्ड लीडरशिप की पहचान तक नहीं कर पाई. इसी वजह से ईरान पर बढ़त बनाने के बावजूद अमेरिका और इजरायल अभी संशय में है.

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