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गैस, डीजल और पेट्रोल की नहीं छत्तीसगढ़ में क्राइसेस, सीएम ने दी लोगों को अफवाहों से दूर रहने की सलाह


रायपुर: एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की कमी की कमी को लेकर चल रहे अफवाहों पर लगाम लगाने की कवायद तेज हो गई है. सीएम विष्णु देव साय ने बैठक कर अफसरों को कड़े दिशा निर्देश जारी किए. सीएम ने कहा कि देश और प्रदेश में गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है. लोग अफवाहों पर ध्यान नहीं दे. सरकार की ओर से स्पष्ट जानकारी देने के लिए एक कंट्रोल रुम भी बनाया गया है. कंट्रोल रुम में आम आदमी फोन कर इन चीजों से जुड़ी हर जानकारी ले सकता है.

अफवाह फैलाने वालों को सीएम की कड़ी चेतावनी
सीएम आवास पर हुई इस बैठक में कई अफसर शामिल हुए. वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों को दिशा निर्देश जारी किए गए. बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरकों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. सीएम ने कहा किे प्रधानमंत्री हर विषय को लेकर संवेदनशील हैं. देश में किसी भी तरह की सामानों को लेकर कोई दिक्कत नहीं है. सीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वो किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें.

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के भंडारण एवं आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए. उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए हर परिस्थिति में आमजन तक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित है.

उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए 45 दिन तथा सामान्य गैस कनेक्शन के लिए 25 दिन की समय सीमा निर्धारित है. वर्तमान में उसी अंतराल के अनुसार बुकिंग की जा रही है. पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन में भी किसी प्रकार की बाधा नहीं है और पूरे प्रदेश में स्थिति सामान्य है.

कंट्रोल रूम बनाया गया, 1800-233-3663 इस नंबर पर मिलेगी जानकारी
मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों की सतत निगरानी के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. उपभोक्ता घरेलू गैस आपूर्ति से संबंधित समस्याओं, शिकायतों अथवा कालाबाजारी की सूचना 1800-233-3663 पर दे सकते हैं. बैठक में निर्देश दिए गए कि गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति से संबंधित समाचारों पर सतत निगरानी रखी जाए। भ्रामक खबरों से भय की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, अतः ऐसी खबरों का तत्काल संज्ञान लेकर वास्तविक जानकारी जनता तक पहुंचाई जाए। सोशल मीडिया की भी विशेष निगरानी रखने और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए.

उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, समय पर मिलेगा खाद
वीडियो कांफ्रेंस के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की होल्डिंग पर रोक लगाई जाए और दैनिक स्टॉक की नियमित समीक्षा की जाए. सभी किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।साथ ही खाद वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग की जानकारी भी साझा की गई.

महत्वपूर्ण संस्थानों में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे, भारत सरकार की संस्थाओं, सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संस्थानों और एयरपोर्ट कैंटीनों में गैस आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए.

बैठक में बलौदा बाजार एसपी भावना गुप्ता भी हुईं शामिल
बैठक में बलौदा बाजार एसपी भावना गुप्ता और जिला प्रशासन की टीम भी मौजूद रही. सीएम ने कहा कि पुलिस अधिकारी ये तय करेंगे कि हर जिले में व्यवस्था सुचारू रुप से चलती रहे. अगर कोई गैस की किल्लत और तेल की कमी को लेकर अफवाह फैलाता है तो उसपर दंडात्म कार्रवाई करें.

कार्रवाई जारी अबतक 3841 सिलेंडर जब्त, 97 एफआईआर दर्ज
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेशभर में 335 स्थलों पर छापेमारी की गई, जिसमें कालाबाजारी की कोई पुष्टि नहीं हुई. हालांकि जमाखोरी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 3841 गैस सिलेंडरों को जब्त किया गया तथा 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं. मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती चेक पोस्टों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. गैस सिलेंडरों एवं पेट्रोल-डीजल वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखने के साथ ही निर्देश दिए गए कि पेट्रोल-डीजल को कंटेनरों में आम जनता को उपलब्ध न कराया जाए. केवल अधिकृत मोबाइल टावर एवं जेनसेट संचालित आवश्यक प्रतिष्ठानों को ही कंटेनर में ईंधन उपलब्ध कराया जाए.

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