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गहने खरीदना होगा महंगा? सरकार ने गोल्‍ड-स‍िल्‍वर ज्‍वैलरी के इम्‍पोर्ट पर लगाई पाबंदी, अब आगे क्‍या


Gold Jewellery Import Rules: सोने और चांदी के दाम में प‍िछले एक साल के दौरान र‍िकॉर्ड तेजी देखी गई है. हालांक‍ि, ईरान युद्ध के दौरान दोनों ही कीमती धातुएं र‍िकॉर्ड लेवल से काफी नीचे आ गई हैं. 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1.92 लाख रुपये प्रत‍ि 10 ग्राम और चांदी ने 4.20 लाख रुपये क‍िलो का ऑल टाइम हाई टच क‍िया था. अब सरकार की तरफ से बड़ा कदम उठाते हुए सोने, चांदी और प्‍लेट‍िनम ज्‍वैलरी के आयात पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है. सरकार की तरफ से यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के म‍िसयूज को रोकने के मकसद से उठाया गया है. सरकार की तरफ से उठाए गए इस कदम के बाद कारोबारी ब‍िना अनुमत‍ि के महंगी ज्‍वैलरी को आसानी से देश में नहीं ला सकेंगे.

डायरेक्‍टरेट जर्नल ऑफ फॉरेट ट्रेड (DGFT) की तरफ से जारी नोट‍िफ‍िकेशन में कहा गया क‍ि इन पाबंद‍ियों को किसी भी पुराने कॉन्ट्रैक्ट, एडवांस पेमेंट, शिपमेंट की स्थिति या किसी अन्य प्रकार की स्‍थ‍िति पर ध्‍यान द‍िये ब‍िना लागू क‍िया जाएगा. यानी क‍िसी भी हालात में आपको बाहर से महंगी ज्‍वैलरी लाने के ल‍िए सरकार ने मंजूरी लेनी जरूरी होगी. डीजीएफटी (DGFT) की तरफ से कहा गया, ‘कस्टम्स टैरिफ हेडिंग (CTH) 7113 के अंतर्गत आने वाले सामान की इम्‍पोर्ट पॉल‍िसी को फ्री से र‍िस्‍ट्र‍िक्‍टेड कर द‍ियाा गया है.

आयात के ल‍िये DGFT से मंजूरी लेना जरूरी
र‍िस्‍ट्र‍िक्‍टेड क‍िये गए आइटम की ल‍िस्‍ट में गोल्‍ड, स‍िल्‍वर और प्लैटिनम से तैयार क‍िये गए जेवरात शामिल हैं. अब इनके आयात के लि‍ए इम्‍पोर्टर को DGFT से मंजूरी या लाइसेंस लेने की जरूरत होगी. इस न‍ियम के लागू होने के बाद सभी प्रकार के सोने, चांदी और प्‍लैट‍िनम से तैयार की गई ज्‍वैलरी को इम्‍पोर्ट करने पर रोक लगा दी गई है. हालांक‍ि, पूरी तरह एक्‍सपोर्ट में शाम‍िल और स्‍पेशल इकोनॉम‍िक जोन (SEZ) में स्‍थ‍ित कंपन‍ियों के आयात पर पाबंदी लागू नहीं होगी.

इन लोगों को रहेगी छूट
इसके अलावा, फॉरेन ट्रेड पॉल‍िसी के जेम्स एंड ज्वेलरी एक्‍सपोर्ट प्‍लान के तहत होने वाला इम्‍पोर्ट भी इन बैन से बाहर रहेगा. एक अध‍िकारी ने बताया क‍ि कुछ इम्‍पोर्टर भारत-आसियान FTA का म‍िसयूज कर रहे थे. अधिकारी की तरफ से सरकार से अपील की गई क‍ि लाइसेंस लेने के प्रोसेस को आसान क‍िया जाए. इससे सही कारोबार‍ियों को इस फैसले से नुकसान नहीं होगा. पिछले साल नवंबर में सरकार ने कुछ तरह की प्लैटिनम ज्‍वैलरी के इम्‍पोर्ट पर अप्रैल 2026 तक पाबंदी लगा दी थी. सितंबर 2025 में चांदी की ज्‍वैलरी पर भी मार्च 2026 तक के लि‍ए इसी तरह की रोक लगाई गई थी.

क्‍या होगा असर?
> आयात कम होने से बाजार में जेवरात की सप्लाई पर असर पड़ेगा.
> सोने-चांदी के जेवरात के दाम कुछ बढ़ सकते हैं.
> थाईलैंड से होने वाला सस्‍ता आयात कम होगा.
> देश में जेवरात बनाने वाले कारीगरों को ज्यादा काम म‍िलेगा.
> इंडस्‍ट्री को बढ़ावा म‍िलेगा और ‘Make in India’ को मजबूती म‍िलेगी.
> सरकार का विदेशी मुद्रा से जुड़ा खर्च घट सकता है.
> देश के व्यापार घाटे को कंट्रोल क‍िया जा सकेगा.

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