
राजस्थान के भरतपुर में एक 10 महीने की बच्ची खौलते हुए दूध के भगोने में गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान घर में बच्ची और उसकी मां थी। बच्ची की मां ने दूध खौला कर कमरे में ठंडा होने के लिए रखा था। बच्ची बेड से खेलते समय अचानक गिर गई।
कैसे हुआ हादसा?
यह घटना नदबई थाना इलाके बेहरामदा गांव की है। यहां रहने वाले सत्यभान ने बताया कि घटना गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे घटित हुई है। उसने बताया कि घर पर उसकी 10 महीने की बच्ची चांदनी और पत्नी प्रीति थे। सत्यभान मजदूरी करने के लिए गया था। दोपहर के समय चांदनी बेड पर खेल रही थी। प्रीति ने भगौने में दूध को खौलाया और कमरे में बेड के पास ठंडा होने के लिए रख दिया।
आंगन में काम कर रही थी मां, बच्ची कमरे में खेल रही थी
चांदनी कमरे में अकेले खेल रही थी और प्रीति आंगन में घर का काम कर रही थी। खेलते-खेलते अचानक चांदनी बेड से दूध के भगौने में जा गिरी। गिरते ही चांदनी जोरों से रोने लगी। चांदनी के रोने की आवाज सुनकर प्रीति कमरे में पहुंची तो देखा कि चांदनी चेहरे से लेकर पैरों तक पूरी तरह से जल गई थी।
बिना पोस्टमार्टम करवाए शव ले गए परिजन
प्रीति ने तुरंत फोन कर अपने पति को घटना के बारे में बताया। जिसके बाद चांदनी को तुरंत नदबई लेकर जाया गया, जहां से उसे भरतपुर के RBM अस्पताल रेफर कर दिया गया। RBM अस्पताल में चांदनी को मृत घोषित कर दिया। चांदनी के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया।
पुलिस ने क्या कहा?
नदबई SHO अरुण सिंह ने बताया कि बच्ची के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। बच्ची की मौत गर्म दूध के भगौने में गिरने के कारण हुई थी। उन्होंने लिखकर दिया कि उन्हें शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाना। बिना शव का पोस्टमार्टम किए शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।





