Saturday, April 11, 2026
Health

खाने की नली में भी हो सकता है कैंसर, ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क

कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है. भोजन नली (इसोफेगस) में भी ये बीमारी हो जाती है, लेकिन अधिकतर लोगों को इसके लक्षणों का पता नहीं होता है. देरी से पता चलने के कारण बीमारी लास्ट स्टेज में चली जाती है. ऐसे में इलाज भी मुश्किल हो जाता है. इसोफेगस कैंसर क्या है. इसके लक्षण, कारण बचाव के बारे में जानते हैं.

खाने की नली में भी हो सकता है कैंसर, ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क
खाने की नली में भी हो सकता है कैंसर, ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क

होने का कारणतंबाकू है, इसमें मौजूद हानिकारक तत्व भोजन नली की परत को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर विकसित होने की आशंका बढ़ जाती है. जो लोग तंबाकू के साथ शराब का भी सेवन करते हैं उनमें इस कैंसर के होने की आशंका और भी बढ़ जाती है.

फल और सब्जियां न खाना भी है कारण

दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डेड एंड नेक ऑनकोलॉजी विभाग में डॉ. अक्षत मलिक बताते हैं किलंबे समय तक रहने वाली गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) और बैरेट्स इसोफेगस इस कैंसर का एक कारण हो सकती है. इसके अलावा ताजे फल और सब्जियों की कमी वाला आहार और कुपोषण भी इसके रिस्क फैक्टर हैं. भारत में पोषण संबंधी कमी और खान-पान की आदतें भी इस बीमारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. चिंता की बात यह है कि इस बीमारी के अधिकतर मामले देरी से सामने आते हैं. इसका कारण यह है कि इसके लक्षणों को पहचानने में देरी हो जाती है.

इसोफेगस कैंसर के लक्षण क्या होते हैं.

शुरुआत में कुछ मरीजों को खाना निगलने में हल्की दिक्कत जैसे लक्षण दिखते हैं, लेकिन वह इसको नजरअंदाज कर लेते हैं. कई मामलों में हेड एंड नेक कैंसर के लक्षण भी ऐसे ही होते हैं. जैसे खाना निगलने में कठिनाई, वजन कम होना, गले में दर्द. इस समानता के कारण भी ये बीमारी समय पर पहचान में नहीं आती है. लेकिन ये जरूरी है कि अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण नजर आ रहे हैं तो समय पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

इसोफेगस कैंसर से बचाव कैसे करें

खानपान का ध्यान रखेंट

तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन न करें

शराब का सेवन न करें

रोज एक्सरसाइज करें

khabarmonkey@gmail.com

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