आजकल लंबे समय तक बैठकर काम करना हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है. चाहे वह ऑफिस हो या घर. ऐसे में बहुत से लोग आराम के लिए क्रॉस लेग पोजिशन यानी पैर पर पैर चढ़ाकर बैठना पसंद करते हैं. यह पोजिशन देखने में भले ही आरामदायक लगे. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका आपके शरीर पर क्या असर पड़ता है? अक्सर हम छोटी-छोटी आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही आदतें धीरे-धीरे हमारी सेहत पर बड़ा प्रभाव डालती हैं. ऐसा ही कुछ क्रॉस लेग पॉजिशन के साथ भी है. दिखने में भले ही ये आरामदायक लगे. लेकिन लंबे समय तक ऐसे बैठने से शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है.

इस तरह बैठने से ब्लड सर्कुलेशन पर भी असर पड़ सकता है. पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने से नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. खासकर उन लोगों के लिए यह आदत ज्यादा नुकसानदायक हो सकती है, जिन्हें पहले से ही पीठ दर्द या जोड़ों की समस्या है. चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं क्रॉस लेग पॉजिशन में बैठने के और क्या-क्या नुकसान हैं.
क्रॉस लेग पॉजिशन में बैठना कितना सही?
को लेकर अक्सर यह माना जाता है कि इससे पीठ खराब हो जाती है, कूल्हों और घुटनों पर असर पड़ता है या फिर वैरिकोज वेन्स (नसों की सूजन) जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि इन दावों के सपोर्ट में ऐसे कम ही वैज्ञानिक प्रमाण मिलते हैं. यानी केवल क्रॉस लेग पोजिशन में बैठना अपने आप में शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं माना जाता.
असल समस्या यह नहीं है कि आप किस पोजिशन में बैठे हैं, बल्कि यह है कि आप कितनी देर तक एक ही पोजिशन में बैठे रहते हैं. लंबे समय तक एक ही तरीके से बैठे रहने से शरीर में जकड़न, दर्द या असहजता महसूस हो सकती है. जिसे लोग अक्सर किसी बड़ी समस्या का संकेत समझ लेते हैं. जबकि ज्यादातर मामलों में यह केवल शरीर का संकेत होता है कि अब पोजिशन बदलने की जरूरत है.
क्या पीठ पर पड़ता है कोई असर?
अगर पीठ की बात करें, तो क्रॉस लेग बैठना अक्सर गलत पोस्चर की कैटेगरी में डाल दिया जाता है. लेकिन रिसर्च यह नहीं कहती कि कोई एक परफेक्ट बैठने का तरीका है, जो हर किसी के लिए सही हो. अलग-अलग विशेषज्ञों की राय भी इस मामले में अलग-अलग ही मानी जाती है. आज की आधुनिक सोच यह मानती है कि हमारी रीढ़ की हड्डी मजबूत और लचीली होती है, जो कई तरह की पोजिशन को सहन कर सकती है.
क्या कूल्हों और घुटनों पर भी पड़ता है कोई असर?
इसी तरह, कूल्हों और घुटनों को नुकसान पहुंचाने वाली बात भी पूरी तरह साबित नहीं हुई है. हमारा शरीर रोजमर्रा की गतिविधियों जैसे चलना, सीढ़ियां चढ़ना, दौड़ना या वजन उठाना…इन सबमें कहीं ज्यादा दबाव झेलता है. ऐसे में थोड़ी देर क्रॉस लेग बैठना किसी नुकसानदायक है. ऐसे कोई प्रूफ नहीं मिला है.
वैरिकोज वेन्स पर असर
पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने से थोड़ी देर के लिए ब्लड फ्लो जरूर बदल सकता है, लेकिन इससे वैरिकोज वेन्स को नुकसान होने का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है. यह समस्या नसों के वाल्व ठीक से काम न करने के कारण होती है. इसमें उम्र, फैमिली हिस्ट्री, प्रेग्नेंसी, मोटापा या लंबे समय तक खड़े रहने जैसे कारण ज्यादा जिम्मेदार हो सकते हैं.
कुल मिलाकर कहें तो अगर आपको क्रॉस लेग बैठना आरामदायक लगता है, तो इसे लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है. बस ध्यान रखें कि लंबे समय तक एक ही पोजिशन में न बैठे रहें और बीच-बीच में अपनी पोजिशन बदलते रहें. ताकि बॉडी एक्टिव रहे.





