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कोडीन कफ सीरप मामले में 900 करोड़ के नेटवर्क का खुलासा, बर्खास्त सिपाहियों समेत 12 पर चार्जशीट

लखनऊ: बहुचर्चित कफ सीरप तस्करी कांड में उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए एक और बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ ने इस मामले में बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित सिंह ‘टाटा’ के खिलाफ विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। कोडीनयुक्त कफ सीरप की तस्करी के इस अंतरराज्यीय नेटवर्क में अब तक 12 मुख्य आरोपियों को चिह्नित किया गया है, जिनमें से नौ को जेल भेजा जा चुका है।

कोडीन कफ सीरप मामले में 900 करोड़ के नेटवर्क का खुलासा, बर्खास्त सिपाहियों समेत 12 पर चार्जशीट
कोडीन कफ सीरप मामले में 900 करोड़ के नेटवर्क का खुलासा, बर्खास्त सिपाहियों समेत 12 पर चार्जशीट

40 हजार पन्नों की चार्जशीट में 900 करोड़ का काला कारोबार

एसटीएफ द्वारा दाखिल 40 हजार पन्नों की इस चार्जशीट में वर्ष 2019 से 2024 तक चले इस अवैध नेटवर्क की पूरी कुंडली खंगाली गई है। जांच एजेंसियों को 3,000 से अधिक बैंक स्टेटमेंट मिले हैं, जिनसे 900 करोड़ रुपये के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। चार्जशीट के मुताबिक, बर्खास्त सिपाही आलोक और अमित 2019 में तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल के संपर्क में आए थे और बाद में खुद भी इस गोरखधंधे में शामिल हो गए।

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बांग्लादेश भेजी जाती थी पूरी खेप

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि जिन दवाओं की खरीद फर्जी फर्मों के माध्यम से दिखाई गई, उनमें से एक भी बोतल मेडिकल स्टोर तक नहीं पहुंची। यह पूरी खेप बिहार और पश्चिम बंगाल के रास्ते अवैध रूप से बांग्लादेश भेजी जाती थी, जहाँ इसका इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता था। मुख्य मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, गौरव और वरुण वर्तमान में विदेश (दुबई) में छिपे हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए गृह मंत्रालय के माध्यम से पत्राचार किया जा रहा है। एसटीएफ ने पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर इस मामले को एक तार्किक अंजाम तक पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली है।

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