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किसान पिता की बेटी बनी थी टॉपर, दिहाड़ी मजदूर के बेटे की आंखों में आ गए थे खुशी के आंसू


आज का दिन बिहार के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए बेहद खास है.बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB)ने घोषणा कर दी है कि इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट दोपहर 1:30 बजे जारी किया जाएगा. रिजल्ट जारी होने के साथ ही टॉपर्स लिस्ट, पास प्रतिशत और तीनों संकायों साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स की डिटेल्स भी सामने आएंगी. पिछले साल 2025 के रिजल्ट में ऐसी कई प्रेरणादायक कहानियां सामने आई थीं, जो आज के इंतजार में सभी छात्रों को हिम्मत और उम्मीद दे रही हैं. ये कहानियां साबित करती हैं कि बिहार में संसाधन कम हों, लेकिन मेहनत और लगन से कुछ भी हासिल किया जा सकता है.

आटा चक्की चलाने वाले की बेटी बनी बिहार की टॉपर
पश्चिम चंपारण जिले के बगहा ब्लॉक के हर्नाटांड़ गांव की प्रिया जायसवाल ने 2025 में इतिहास रच दिया था. एक सरकारी स्‍कूल उच्च विद्यालय हरनाटांड़ से पढ़ाई करने वाली प्रिया ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 484 अंक यानी 96.8% हासिल किया था और न केवल साइंस स्ट्रीम में टॉप किया बल्कि तीनों संकायों साइंस,आर्ट्स,कॉमर्स में सबसे ज्यादा अंक लाकर ओवरऑल स्टेट टॉपर बनीं. प्रिया के पिता संतोष जायसवाल धूमवाटाड़ में आटा चक्की चलाते हैं जबकि मां रीमा जायसवाल गृहिणी हैं. ये इलाका कभी रेड कॉरिडोर के नाम से कुख्यात था जहां नक्सलवाद की छाया रहती थी, लेकिन प्रिया ने सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन संसाधनों से तैयारी की और इलाके का नाम रोशन कर दिया. मैट्रिक में भी उन्होंने सूबे में 8वां स्थान हासिल किया था. रिजल्ट आने पर पूरे गांव में जश्न का माहौल था. घर पर बधाइयों का सिलसिला लगा रहा. प्रिया की सफलता ने साबित किया कि ग्रामीण इलाके की बेटियां भी बड़े सपने देख सकती हैं और उन्हें पूरा कर सकती हैं.

दिहाड़ी मजदूर के बेटे की आंखों में खुशी के आंसू
इसी तरह बिहार बोर्ड की 10वीं परीक्षा 2025 में औरंगाबाद जिले के रफीगंज शहर के कार्तिकेय कुमार ने 480 अंक यानी 96% लाकर पूरे बिहार में 10वां स्थान हासिल किया. उनके पिता महेंद्र शर्मा पेशे से दिहाड़ी मजदूर हैं और परिवार का खर्च चलाने के लिए दिल्ली में काम करते हैं. मां गृहिणी हैं. कार्तिकेय ने बताया कि एग्जाम से पहले वे बहुत नर्वस थे क्योंकि घरवालों की उनसे बहुत बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन उन्होंने 2 महीने पहले से रोजाना 8-8 घंटे पढ़ाई की, कोचिंग के नोट्स रिवाइज किए और मेहनत से कामयाब हुए. रिजल्ट आने पर उनके पिता की आंखों में खुशी के आंसू आ गए थे. कार्तिकेय ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुओं को दिया.

प्रिया और कार्तिकेय जैसी कहानियां बताती हैं कि जहां संसाधन कम हों, वहां भी मेहनत से बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं. आज का रिजल्ट भी लाखों छात्रों की मेहनत का फल होगा. पास हुए तो अच्‍छा है नहीं तो अगली बार और बेहतर तैयारी करें. रिजल्ट आने पर शांत रहें.

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