
हिसार: नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा सरकार पर तीखा हमला बोला. राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर एक तरफ उन्होंने अपने ही विधायकों को कटघरे में खड़ा किया, तो दूसरी तरफ हरियाणा सरकार पर जमकर हमला बोला.
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग: विधायक जस्सी पेटवाड़ ने हरियाणा राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र में वोट खरीदना और बेचना दोनों ही गलत हैं. कुछ विधायकों ने पैसे के लालच में पार्टी के साथ विश्वासघात किया. कांग्रेस ने उन पांच विधायकों के नाम सार्वजनिक किए हैं, जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की है.” उन्होंने ये भी कहा कि कुछ विधायकों को धमकाने की कोशिश की गई और उन्हें केस में फंसाने की बात कही गई.
‘कांग्रेस विधायकों को मिली धमकी’: जस्सी पेटवाड़ ने कहा “कांग्रेस विधायकों को धमकी दी गई, किसी के पास 25 करोड़ का ऑफर था किसी के पास 30 करोड़ का ऑफर था, किसी के पास 50 करोड़ रुपये का ऑफर था. दो विधायकों को धमकी दी गई कि साढ़े तीन साल का कार्याकाल बचा है. अगर क्रॉस वोटिंग नहीं की, तो जेल से नहीं निकलने देंगे. वो बहादुर लोग थे. रुके रहे. हमारे विधायक मामन खान, गोकुल सेतिया. इन्हें धमकी दी गई थी कि तुम्हे जेल से नहीं निकलने देंगे. बाकी पांच लोग सिक्के की खनक में बिक गए.”
इनेलो और बीजेपी पर मिलीभगत का आरोप: जस्सी पेटवाड़ ने इनेलो और बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दोनों के बीच अंदरखाने समझौता था. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्दलीय उम्मीदवार को खड़ा करने में इनेलो की भूमिका रही और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव अधिकारी पर दबाव डालकर कुछ वोटों को अयोग्य घोषित किया गया, हालांकि इसके बावजूद कांग्रेस का उम्मीदवार जीत गया.
हरियाणा बजट पर दी प्रतिक्रिया: उन्होंने कहा कि हाल ही में पेश किया गया राज्य का बजट आम जनता के हित में नहीं है. उनके मुताबिक इस बजट में न तो किसानों के लिए कोई राहत है, न मजदूरों के लिए कोई ठोस योजना और न ही कर्मचारियों के लिए कोई खास प्रावधान किया गया है. उन्होंने इसे सीधे तौर पर जन विरोधी बजट बताते हुए कहा कि सरकार ने जनता की उम्मीदों को नजरअंदाज किया है.
‘सरकार के पास ठोस नीति नहीं’: जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि सरकार लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का बजट लेकर आई है, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा कर्ज के ब्याज और कर्मचारियों की सैलरी में खर्च हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 30 फीसदी राशि सिर्फ ब्याज में चली जाती है, जिससे विकास कार्यों के लिए पर्याप्त पैसा नहीं बचता. उन्होंने कहा कि सरकार के पास विकास को लेकर कोई ठोस नीति नजर नहीं आती और बजट में भविष्य की दिशा स्पष्ट नहीं है.
‘किसानों को मुआवजे के नाम पर मजाक’: विधायक ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि मुआवजे के नाम पर किसानों को बहुत कम राशि दी गई है, जो उनके नुकसान के मुकाबले बेहद कम है. उन्होंने कहा कि कई गांव बाढ़ से प्रभावित हुए थे, जिसका मुद्दा उन्होंने विधानसभा में भी उठाया, लेकिन सरकार ने उचित मुआवजा नहीं दिया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीमा कंपनियों ने किसानों से करोड़ों रुपये वसूले, मगर नुकसान होने पर उन्हें राहत नहीं मिली. इससे किसानों में नाराजगी है.
रोजगार और युवाओं के मुद्दे पर भी सवाल: जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि नौजवानों के भविष्य को लेकर सरकार गंभीर नहीं दिख रही. इसके अलावा उन्होंने हरियाणा में ज्यादा टोल प्लाजा होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जबकि दूसरे राज्यों में टोल की संख्या कम है.
शहीदों को दर्जा देने की मांग उठाई: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का जिक्र करते हुए कहा कि इन महान क्रांतिकारियों को आज तक आधिकारिक रूप से शहीद का दर्जा नहीं दिया गया. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को उन्होंने विधानसभा में उठाया है और मांग की है कि हरियाणा विधानसभा केंद्र सरकार को सिफारिश भेजे ताकि उन्हें शहीद का दर्जा दिया जा सके.





