भारत का रेजिडेंशियल रियल एस्टेट बाजार अब ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां घर खरीदार एफोर्डेबल यानि किफायती घर से ऊपर उठकर अब वैल्यू एडिशन यानी संपत्ति के समग्र मूल्य बढ़ाने वाले फीचर्स से लैस परियोजनाएं ढूंढ रहे है और इसके लिए खरीदार सीमित बजट की सीमा लांघने में संकोच नहीं कर रहे है. इस कारण रियल एस्टेट में कीमत बढ़ने के बाद भी लगातार मजबूत हो रही है.

घर खरीदने की क्षमता यानी एफोर्डेबिलिटी को अब सिर्फ घर की कीमत के आधार पर नहीं देखा जा रहा है. खरीदार प्रॉपर्टी में निवेश के समय ही धैर्यपूर्वक प्रोजेक्ट में परंपरागत से अलग आधुनिक और अभिनव व अधिक सुविधाओं वाली परियोजनाएं पसंद कर रहे है. इनमे एक्स्ट्रा लिफ्ट, वर्गीकृत ग्रीन एरिया, इंडोर व आउटडोर में मल्टी स्पोर्ट्स स्पेस, कैफै व रेस्टोरेंट, सलून, मीटिंग रूम, थियेटर, जैसे विभिन्न एक्स्ट्रा फीचर्स का आकलन कर रहे है जिससे उन्हें वैल्यू फॉर मनी मिल सके.
एक्स्ट्रा फीचर्स बन रही पसंद
निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग का मानना है कि आज का घर खरीदार सिर्फ चार दीवारों और लोकेशन को नहीं देख रहा है. वह यह भी समझना चाहता है कि प्रोजेक्ट में मिलने वाली सुविधाएं, बेहतर डिजाइन, हरित क्षेत्र, सुरक्षा और कम्युनिटी इंफ्रास्ट्रक्चर उसकी रोजमर्रा की जिंदगी को कितना बेहतर बनाएंगे. इसी वजह से ग्राहक जरूरत के मुताबिक थोड़ा अतिरिक्त निवेश करने के लिए भी तैयार दिखाई दे रहा है. वहीं डिलिजेंट बिल्डर्स के सीओओ अश्वनी नागपाल के अनुसार घर खरीदारों में निवेश की हड़बड़ी नहीं है, बल्कि वे लॉन्ग टर्म निवेश की रणनीति पर काम करते हुए नपेतुले निर्णय ले रहे हैं. उनका फोकस ऐसा निवेश करने पर है, जो आज की आवश्यकता के साथ भविष्य की संभावित जरूरतों को भी पूरा कर सके. इसके चलते प्रमोटर भी अपनी परियोजनाओं की योजना और पेशकश में बुनियादी बदलाव कर रहे हैं.
ऐसे बदल रही प्राथमिकता
घर खरीदार अब यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि निवेश के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ कनेक्टिविटी कितनी बढ़ेगी, निर्माण की तकनीक व गुणवत्ता क्या है, सुविधाएं और रखरखाव में अलग क्या है, संभावित रिटर्न कैसे और कितना होगा, आदि और इन्हें अब खरीदारी के महत्वपूर्ण आधार बना रहे हैं. ऐसे में प्रोमोटर्स बजट नियंत्रित करते हुए प्रोजेक्ट में रचनात्मक सुविधाएं व फीचर्स उपलब्ध करा रहे है. रियरको की एमडी गीतांजलि खन्ना ने बताया कि पहले की अपेक्षा कीमतों के कारण प्राथमिकता बदली है इसलिए ज्यादातर खरीदार बड़े साइज़ वाल फ्लैट ढूंढ रहे है और इसके लिए उन्होंने ने अपनी एफोर्डेबिलिटी भी बढ़ाई है. कीमत को नियंत्रित करते हुए हम रेजिडेंट्स के लिए भविष्य की वास्तविक जरूरतों से जुड़े फीचर्स प्रोजेक्ट में जोड़ रहे हैं जिससे घरों की मांग लगातार बनी हुई है. आरजी ग्रुप के निदेशक, हिमांशु गर्ग के अनुसार रियल एस्टेट में खरीदारों की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं. अब निर्णय केवल कीमत के आधार पर नहीं हो रहा, बल्कि ग्राहक यह देख रहा है कि उसे अपने निवेश के बदले कितना बेहतर जीवनस्तर और भविष्य की संपत्ति मूल्यवृद्धि मिल सकती है. यही कारण है कि वैल्यूएडेड प्रोजेक्ट्स की मांग कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद बनी हुई है.