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उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग समेत 5 जिलों में एवलॉन्च का अलर्ट, कई मार्ग बंद


देहरादून: उत्तराखंड में दो दिनों की बारिश और बर्फबारी के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शनिवार को जहां मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली, वहीं पहाड़ी जिलों में आज फिर आंशिक बादल और ऊंची चोटियों पर बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का असर बना रहेगा, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा।

बारिश-बर्फबारी के बाद लौटी ठंड
पिछले दो दिनों में हुई मूसलाधार बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ गई है। हालांकि शनिवार को निकली तेज धूप से लोगों को कुछ राहत मिली, लेकिन ठंडी हवाएं अब भी चल रही हैं। देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से मौसम साफ रहा और दिनभर धूप खिली रही।

इन जिलों में बर्फबारी के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में मौसम सामान्य और शुष्क रहने का अनुमान है।

हिमस्खलन का खतरा, प्रशासन अलर्ट पर
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तराखंड ने पर्वतीय जिलों में हिमस्खलन (एवलॉन्च) का खतरा जताया है। इसके चलते उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ को डेंजर लेवल-3 में रखा गया है, जबकि रुद्रप्रयाग और बागेश्वर को डेंजर लेवल-1 में शामिल किया गया है। शनिवार शाम से रविवार शाम 5 बजे तक के लिए अलर्ट जारी किया गया है और जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

हाईवे बंद, जनजीवन प्रभावित
भारी बर्फबारी और भूस्खलन के चलते कई महत्वपूर्ण मार्ग बाधित हो गए हैं। बद्रीनाथ धाम बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है। बदरीनाथ हाईवे गोविंदघाट के पास पिनोला में बड़े पत्थर गिरने से पूरी तरह बंद हो गया है। इसके अलावा नीति-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद है, जबकि यमुनोत्री हाईवे जंगलचट्टी क्षेत्र में अवरुद्ध है।

जोशीमठ क्षेत्र में बढ़ी चिंता
बारिश और बर्फबारी के बाद चमोली जिले के ज्योर्तिमठ (जोशीमठ) क्षेत्र में पहाड़ी दरकने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम व प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। ऊंचाई वाले इलाकों में अधिक बर्फबारी के चलते हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है, इसलिए विशेष सतर्कता जरूरी है।

khabarmonkey@gmail.com

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