Saturday, April 11, 2026
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ईरान सीजफायर के बाद NATO पर बरसे ट्रंप, बोले नहीं दिया साथ- अब खोला ग्रीनलैंड चैप्टर

नाटो और अमेरिका के खराब होते रिश्ते एक बार फिर सामने आए हैं. नाटो सेक्रेटरी जनरल मार्क रूट अमेरिका दौरे पर हैं. इस दौरा से पिछले कुछ महीनों में आई ट्रंप प्रशासन और नाटो के बीच तल्खी को दूर करने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में सेक्रेटरी जनरल मार्क रूट के साथ एक प्राइवेट मीटिंग के बाद, ईरान युद्ध में US का साथ न देने के लिए Nato पर फिर से हमला किया है.

ईरान सीजफायर के बाद NATO पर बरसे ट्रंप, बोले नहीं दिया साथ- अब खोला ग्रीनलैंड चैप्टर
ईरान सीजफायर के बाद NATO पर बरसे ट्रंप, बोले नहीं दिया साथ- अब खोला ग्रीनलैंड चैप्टर

मीटिंग के बाद ट्रुथ सोशल पर शेयर की गई एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, “जब हमें उनकी जरूरत थी, तब NATO वहां नहीं था और अगर हमें उनकी दोबारा जरूरत पड़ी तो वे वहां नहीं होंगे.” हालांकि रूटे ने CNN को बताया कि ट्रंप के साथ उनकी मीटिंग बहुत ईमानदार और खुली थी, भले ही वे कई बातों पर साफ़ तौर पर असहमत थे.

बता दें, बुधवार को बातचीत से पहले ट्रंप ने ट्रांस-अटलांटिक मिलिट्री अलायंस छोड़ने के बारे में सोचा था, क्योंकि कई Nato देशों ने बढ़ती ग्लोबल तेल की कीमतों को कम करने के लिए होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद करने की उनकी अपील का विरोध किया था. यह जरूरी मीटिंग ऐसे समय में हुई जब यह डर था कि NATO मेंबर्स के ईरान के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने से लगातार मना करने पर ट्रंप का गुस्सा, उन्हें लगभग आठ दशक पुराने इस गठबंधन से अमेरिका को बाहर निकालने पर मजबूर कर सकता है.

ट्रंप ने की नाटो की बुराई

ट्रुथ सोशल की एक पोस्ट में ट्रंप ने अलायंस की बुराई की और लिखा, “जब हमें उनकी जरूरत थी, तब NATO वहां नहीं था और अगर हमें उनकी दोबारा जरूरत पड़ी तो वे वहां नहीं होंगे.” फिर बिना किसी और कॉन्टेक्स्ट के ट्रंप ने लिखा, “ग्रीनलैंड को याद करो, वह बड़ा, खराब तरीके से चलाया गया, बर्फ का टुकड़ा!!!”

ईरान युद्ध के हेडलाइन बनने से पहले डेनमार्क के आर्कटिक इलाके पर ट्रंप के प्लान NATO के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द था. अमेरिका-ईरान के नाजुक सीजफायर के बाद इसका अचानक फिर से सामने आना, बिना किसी वजह के, यह याद दिलाता है कि ग्रीनलैंड का मकसद कभी सच में खत्म नहीं हुआ था.

NATO से क्यों नाराज हैं ट्रंप?

ईरान के साथ जंग में ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए नाटो से मदद मांगी थी. ट्रंप के बार-बार आह्वान पर भी यूरोपीय देश इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ नहीं है, बल्कि कई नाटो देशों ने अमेरिकी हमलों का सीधे तौर पर विरोध किया. जिसके बाद से ट्रंप नाटो पर हमलावर नजर आ रहे हैं.

khabarmonkey@gmail.com

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