Saturday, April 11, 2026
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इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता… किन मुद्दों पर अड़ी हैं दोनों ताकतें?

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अहम बातचीत हो रही है. इन वार्ताओं का उद्देश्य मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को खत्म करना है. 40 दिन चले युद्ध में हजारों लोगों की जान जा चुकी है, तेल सप्लाई प्रभावित हुई है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है.

इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता… किन मुद्दों पर अड़ी हैं दोनों ताकतें?
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता… किन मुद्दों पर अड़ी हैं दोनों ताकतें?

ईरान ने साफ कहा है कि वह औपचारिक बातचीत तभी शुरू करेगा, जब अमेरिका दो बड़ी शर्तें माने पहली, लेबनान में युद्धविराम लागू किया जाए दूसरी, ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और उसकी फ्रीज की गई संपत्तियां वापस की जाएं. आइए वो 7 अहम मुद्दे जानते हैं, जिन पर अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान में बातचीत चल रही है…

  1. लेबनान में हिज्बुल्लाह पर इजराइल के हमलों में मार्च से अब तक करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिका और इजराइल कहते हैं कि यह कार्रवाई अलग है, लेकिन इसे उसी संघर्ष का हिस्सा मानता है.
  2. ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके फंसे हुए पैसे रिलीज करे, क्योंकि प्रतिबंधों की वजह से उसकी अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है. वहीं अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह कुछ राहत दे सकता है, लेकिन इसके बदले ईरान को अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों में कमी करनी होगी. कई रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था कि अमेरिका कतर और बाकी देशों में जब्त ईरान की संपत्ति रिलीज करने को तैयार हो गया है. हालांकि व्हाइट हाउस ने इससे इनकार कर दिया है.
  3. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी इस बातचीत का अहम मुद्दा है. ईरान इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण चाहता है और यहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क (टोल) लेना चाहता है. दूसरी तरफ, अमेरिका चाहता है कि तेल टैंकर और बाकी जहाज बिना किसी रोक-टोक के यहां से गुजरें.
  4. ईरान इस छह हफ्ते की जंग में हुए नुकसान का मुआवजा भी मांग सकता है, हालांकि इस पर अमेरिका ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
  5. ईरान यूरेनियम संवर्धन जारी रखना चाहता है. हालांकि अमेरिका इससे इनकार कर चुका है. ट्रंप भी कह चुके हैं कि इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा.
  6. अमेरिका और इजराइल दोनों चाहते हैं कि ईरान अपनी मिसाइल ताकत को काफी कम करे, लेकिन ईरान इसे भी मानने को तैयार नहीं है.
  7. ईरान चाहता है कि अमेरिका अपने सैनिकों को इस क्षेत्र से हटा ले और सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करे. हालांकि ट्रंप ने कहा है कि जब तक शांति समझौता नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना की मौजूदगी बनी रहेगी.
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