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अभी अभी: हिमाचल में 5₹ तक महंगा होगा पेट्रोल-डीजल, अनाथ-विधवा सेस मंजूर


Himachal Pradesh Petrol Diesel Price Hike: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच जहां पूरी दुनिया कच्चे तेल की कीमतों को लेकर डरी हुई है, वहीं हिमाचल प्रदेश के आम लोगों के लिए घर के बजट से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है. सुक्खू सरकार ने राज्य में पेट्रोल और डीजल पर नया ‘अनाथ और विधवा’ सेस लगाने का फैसला किया है. विधानसभा में भारी हंगामे और विपक्ष के तीखे विरोध के बावजूद ‘हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026’ को पास कर दिया गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब हिमाचल की वादियों में सफर करना और माल ढुलाई, दोनों ही महंगे होने वाले हैं.

विधानसभा में बिल पारित, अब राज्यपाल की मुहर का इंतजार
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार (23 मार्च) को सदन में यह संशोधन विधेयक पेश किया. इस बिल के मुताबिक, अब राज्य में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की पहली बिक्री के समय एक विशेष सेस वसूला जाएगा. सरकार के पास यह अधिकार होगा कि वह नोटिफिकेशन के जरिए इस सेस की दरें तय करे. फिलहाल चर्चा है कि यह बढ़ोतरी 5 रुपए तक हो सकती है. सदन से पारित होने के बाद अब यह बिल राज्यपाल के पास भेजा जाएगा. जैसे ही वहां से मंजूरी मिलेगी, प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें लागू हो जाएंगी.

विपक्ष का हल्लाबोल: ‘जनता की कमर तोड़ रही सरकार’
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा. विपक्षी नेताओं का कहना है कि प्रदेश की जनता पहले ही महंगाई की मार झेल रही है, ऐसे में 5 रुपए का अतिरिक्त बोझ डालना सरासर गलत है. विपक्ष का तर्क है कि अगर यह सेस लागू होता है, तो डीजल की कीमत 90 रुपये के पार और पेट्रोल 100 रुपये के पार चला जाएगा. हिमाचल में पहले से ही पेट्रोल पर 17% और डीजल पर 13.9% टैक्स है. पड़ोसी राज्यों के मुकाबले हिमाचल में ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर बुरा असर पड़ेगा. इतना ही नहीं, विपक्ष ने इस सेस के लिए ‘अनाथ और विधवा’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई है.

मुख्यमंत्री का पलटवार: ‘भाजपा अनाथ-विधवा विरोधी’
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसे कल्याणकारी कदम बताया. उन्होंने कहा कि इस सेस से जो भी पैसा इकट्ठा होगा, उसे समाज के कमजोर तबकों, खासकर विधवा महिलाओं और अनाथ बच्चों की भलाई के लिए खर्च किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष समाज के इन वर्गों की मदद का विरोध कर रहा है.

सीएम सुक्खू ने आंकड़े देते हुए कहा, केंद्र सरकार खुद डीजल-पेट्रोल पर 27 रुपये तक सेस वसूलती है. हमारे पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में अभी भी तेल महंगा है. नया सेस लगने के बावजूद हिमाचल में तेल की कीमतें इन राज्यों से कम या इनके बराबर ही रहेंगी. उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे केंद्र से आरडीजी बहाल करने की मांग करें.

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