महाराष्ट्र के जालना में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के संस्थापक अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने अवैध धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अवैध धर्मांतरण तलवार के दम पर किया जाता था, लेकिन अब यह काम आईटी के कॉल सेंटर के माध्यम से किया जा रहा है।

प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि अवैध धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि आरोपी जेल से बाहर न निकल सकें। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि जो काम कभी औरंगजेब के दौर में होता था, अब वही काम आईटी के कॉल सेंटर के माध्यम से किया जा रहा है।
नाशिक की एक बड़ी आईटी कंपनी में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर हिंदू युवक-युवतियों को बहला-फुसलाकर, ब्रेनवॉश कर और लालच या डर दिखाकर उनका अवैध धर्मांतरण कराने की कोशिश का आरोप सामने आया है।
इस मामले में नाशिक पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के बाद गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस विषय पर तोगड़िया ने अपनी प्रतिक्रिया दी हैं। उन्होंने कहा, ‘अवैध धर्मांतरण करने वालों की ठुकाई करो, उन्हें ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि वो जेल से बाहर न आ सकें।’
जालना दौरे पर आए तोगड़िया ने स्वास्थ्य अभियान को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में करीब 40 करोड़ लोग ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा, ‘जहां हनुमान चालीसा का पाठ होगा, वहां ब्लड प्रेशर और शुगर की मुफ्त जांच की जाएगी। जांच के बाद जरूरतमंद मरीजों को जालना के निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज भी दिया जाएगा।’
तोगड़िया ने आगे बताया कि उनके अभियान के तहत देशभर में 1 लाख हनुमान चालीसा केंद्र स्थापित करने और 1 करोड़ लोगों को रोगमुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी अभियान के तहत उन्होंने जालना में आज डॉक्टरों के साथ बैठक भी की। इस बीच, जालना में दिए गए प्रवीण तोगड़िया के इन बयानों ने एक बार फिर अवैध धर्मांतरण और सामाजिक मुद्दों को लेकर बहस को तेज कर दिया है।





