
Weight Loss: आमतौर पर वजन कम करने के लिए सही खान-पान, हेल्दी डाइट और रोजाना एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है. इससे हमारा शरीर फिट रहता है. अनहेल्दी हैबिट्स शरीर में बीमारियों को न्यौता देते हैं. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के मुताबिक हर 4 में से 1 भारतीय ओवरवेट या ओबेसिटी से ग्रसित से. ऐसे में इससे निपटना बेहद जरूरी है. वैज्ञानिकों की ओर से किए गए एक शोध के मुताबिक अजगर के ब्लड मॉलिक्यूल्स मोटापे से लड़ने में मदद कर सकते हैं.
मोटापे से लड़ सकता है अजगर का खून
वैज्ञानिकों का कहना है कि अजगर के रक्त के अणु मोटापे से लड़ने में मदद कर सकते हैं. अजगर के रक्त में पाए जाने वाले एक मॉलिक्यूल ने चूहों में भूख कम करने और वजन घटाने को बढ़ावा देने की क्षमता दिखाई है, जो मोटापे के नए ट्रीटमेंट की संभावना खड़ी करता है. वैज्ञानिकों ने बर्मी अजगर के खून में एक ऐसे मॉलिक्यूल की पहचान की है, जो वजन घटाने के ट्रीटमेंट की एक नई पीढ़ी का मार्ग प्रशस्त कर सकता है. यह खोज भूख को एक अलग तरीके से लक्षित करके मोटापे के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में नई उम्मीद जगाती है.
अजगर का मेटाबॉलिज्म
बता दें कि अजगर अपनी असाधारण भोजन शैली के लिए जाने जाते हैं. वे अपने शरीर के वजन के बराबर बड़े शिकार को भी खा सकते हैं और फिर महीनों तक बिना भोजन के जीवित रह सकते हैं. इसको लेकर डॉक्टर नवल ने बताया कि अजगर के शरीर में एक हार्मोन होता है, जो खाने को धीरे-धीरे पचाने का भी काम करता है, लेकिन अजगर जब एक बार में काफी मात्रा में बड़ा जानवर भी खा ले तो अजगर का मेटाबॉलिज्म बेहद तेजी से काम करता है
कई महीनों तक भूखा रह सकता है अजगर
यह हार्मोन इंसानों के पाचन तत्व में नहीं होता है. यही वजह होती है कि अजगर कई महीनो तक भूखा रह सकता है. इससे पहले भी इस तरह के एक्सपेरिमेंट और भी जानवरों पर किए गए हैं, जिसमें यह देखा गया कि कुछ जानवर महीना तक भूखा रहने के बाद भी कमजोर नहीं होते हैं यानी उनका मसल और फैट लॉस नहीं होता है. इस एक्सपेरिमेंट को इंसानों पर करने की बात की जाए तो अभी उसमें वक्त लग सकता है वही ज्यादा फाइबर की मात्रा को डाइट में बढ़ा कर भूख को कंट्रोल करके इस तरह के प्रयोग अभी किए जाने लगे हैं.





