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‘अच्छी नीयत’ के बावजूद भरोसा हासिल करने में नाकाम रहा अमेरिका… वार्ता फेल होने पर बोले ईरानी स्पीकर

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा कि हाल की बातचीत के दौरान अमेरिका ईरान का भरोसा हासिल करने में नाकाम रहा, जबकि उन्होंने इसे तेहरान की अच्छी नीयत से बातचीत करने की इच्छा बताया. रविवार को सोशल साइट एक्स पर कई पोस्ट में, गालिबफ ने कहा कि ईरान ने जरूरी अच्छी नीयत और इच्छा के साथ बातचीत शुरू की, लेकिन पिछले झगड़ों की वजह से शक बना रहा.

‘अच्छी नीयत’ के बावजूद भरोसा हासिल करने में नाकाम रहा अमेरिका… वार्ता फेल होने पर बोले ईरानी स्पीकर
‘अच्छी नीयत’ के बावजूद भरोसा हासिल करने में नाकाम रहा अमेरिका… वार्ता फेल होने पर बोले ईरानी स्पीकर

उन्होंने कहा, पिछले दो युद्धों के अनुभवों की वजह से, हमें दूसरी तरफ वाले पर कोई भरोसा नहीं है, और कहा कि ईरानी डेलीगेशन के रखे गए प्रस्तावों से आखिरकार कोई तरक्की नहीं हुई.

बता दें कि शनिवार को की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच शांति वार्ता हुई थी, लेकिन बातचीत का कोई परिणाम नहीं निकला. दोनों देशों के बीच जंग शुरू होने और सीजफायर के बाद यह पहली बातचीत थी.

21 घंटे तक चली बातचीत, गतिरोध कायम

लगभग 21 घंटे तक चली बातचीत में कोई समझौता नहीं हो सका, दोनों पक्ष मतभेदों को दूर नहीं कर पाए, खासकर ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर दोनों देशों में गतिरोध बना रहा गालिबफ ने कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स के सामने अब एक विकल्प है.

उन्होंने कहा, अमेरिका ने हमारे लॉजिक और प्रिंसिपल्स को समझ लिया है, और अब यह तय करने का समय है कि वह हमारा भरोसा जीत सकता है या नहीं.

उन्होंने बातचीत को डिप्लोमेसी और मिलिट्री प्रेशर को मिलाने वाली एक बड़ी स्ट्रैटेजी का हिस्सा बताया. गालिबफ ने कहा, हम हर कदम को ईरानी देश के अधिकारों को बनाए रखने के लिए मिलिट्री लड़ाई के साथ डिप्लोमेसी का एक और तरीका मानते हैं. उन्होंने आगे कहा कि ईरान अपनी नेशनल डिफेंस की उपलब्धियों को मजबूत करने की कोशिशें जारी रखेगा.

गालिबफ ने पाकिस्तान को सराहा

गालिबफ ने बातचीत में मदद करने के लिए पाकिस्तान को भी धन्यवाद दिया और उसे एक दोस्ताना और भाईचारा वाला देश बताया. पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर में अहम भूमिका निभाई, जो हफ्तों की लड़ाई के बाद इस महीने की शुरुआत में लागू हुआ.

इस सीजफायर में हमलों पर रोक और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना शामिल था, जो एक जरूरी ग्लोबल शिपिंग रूट है. सीजफायर के बावजूद, तनाव बना हुआ है, दोनों पक्ष लगातार बयानबाजी कर रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि मतभेद अभी भी सुलझे नहीं हैं. गालिबफ ने बातचीत के बाद ईरानी जनता और बातचीत करने वाली टीम की तारीफ की, जिसे उन्होंने इंटेंस बताया.

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