रविवार, 9 अगस्त 2026 ब्रेकिंग
‘राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत का अपमान बर्दाश्त नहीं, यह भारत की आन-बान-शान’, तिरंगा यात्रा में गरजे सीएम योगी​ | 2026 Maruti Brezza vs Tata Nexon: कीमत से लेकर सेफ्टी और परफॉर्मेंस तक, जानिए कौन-सी SUV है सबसे बेहतर​ | Mahesh Babu Birthday: 9 साल का ब्रेक और South Cinema का ‘बादशाह’ बनने तक का सफर, जानें अनसुने Facts​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

सुपरबग्स कैसे करते हैं इम्यून सिस्टम को नाकाम? नई रिसर्च में मिला फंगल इन्फेक्शन से लड़ने का कारगर तरीका​

एक नए शोध में खुलासा हुआ है कि कैसे जानलेवा फंगस और सुपरबग्स कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में शरीर के बचाव तंत्र को नाकाम कर देते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ फंगस और सुपरबग्स हमारे शरीर की मजबूत सुरक्षा प्रणाली को कैसे भेद देते हैं? हाल ही में हुए एक शोध में […]

एक नए शोध में खुलासा हुआ है कि कैसे जानलेवा फंगस और सुपरबग्स कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में शरीर के बचाव तंत्र को नाकाम कर देते हैं।

क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ फंगस और सुपरबग्स हमारे शरीर की मजबूत सुरक्षा प्रणाली को कैसे भेद देते हैं? हाल ही में हुए एक शोध में इस बात का पर्दाफाश हुआ है कि कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए एक जानलेवा फंगस कैसे शरीर के अहम बचाव तंत्र को फेल कर देता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है और वैज्ञानिकों ने इससे निपटने के लिए क्या नई उम्मीद जगाई है।

हमारे शरीर के फ्रंटलाइन योद्धा हैं न्यूट्रोफिल्स

हमारे शरीर में ‘न्यूट्रोफिल्स’ नाम की सफेद रक्त कोशिकाएं होती हैं। जब भी शरीर पर कोई बाहरी बीमारी हमला करती है, तो ये कोशिकाएं संक्रमण से लड़ने में सबसे आगे खड़ी होती हैं।

लेकिन, नया शोध बताता है कि यह खतरनाक फंगस इन न्यूट्रोफिल्स के सुरक्षा तंत्र को ही नाकाम कर देता है। आपको बता दें कि सुपरबग्स उन सूक्ष्मजीवों को कहते हैं, जो इतने जिद्दी हो जाते हैं कि उन पर कई तरह की एंटीबायोटिक या एंटीमाइक्रोबियल दवाओं का कोई असर नहीं होता।

कब बन जाता है जानलेवा?

आपको जानकर हैरानी होगी कि “कैंडिडा एल्बिकन्स” नाम का यह फंगस 40 से 60 प्रतिशत स्वस्थ इंसानों के शरीर में पहले से ही बिना कोई नुकसान पहुंचाए मौजूद रहता है। आम तौर पर यह हमारे शरीर के सामान्य माइक्रोबियल समुदाय का ही एक हिस्सा होता है।

लेकिन, असली खतरा तब शुरू होता है जब किसी इंसान का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसी स्थिति में यह फंगस खून में घुसकर ‘इनवेसिव कैंडिडिआसिस’ नाम की एक गंभीर बीमारी पैदा कर देता है। यह बीमारी इतनी खतरनाक है कि इसमें मरीज की मौत होने की दर 50 प्रतिशत तक होती है।

जेब्राफिश और इंसानी सेल्स से मिला नया रास्ता

शेफील्ड विश्वविद्यालय के ‘बेटसन सेंटर फॉर डिजीज मैकेनिज्म’ के वैज्ञानिकों ने इस जानलेवा फंगस को समझने के लिए एक खास रिसर्च की। उन्होंने इसके लिए जेब्राफिश मॉडल और इंसानी इम्यून सेल्स का इस्तेमाल किया।

शोध में एक बहुत ही सकारात्मक बात सामने आई। वैज्ञानिकों ने पाया कि अगर शरीर के इस दबे या सोए हुए इम्यून रिस्पॉन्स को वापस सक्रिय कर दिया जाए, तो संक्रमण से बचने की संभावना काफी हद तक सुधर जाती है। यह तरीका तब और भी ज्यादा असरदार साबित हुआ, जब इसके साथ एंटीफंगल दवाओं का भी इस्तेमाल किया गया।

भविष्य के लिए एक नई उम्मीद

शोधकर्ताओं की यह शानदार खोज चिकित्सा जगत के लिए किसी बड़ी कामयाबी से कम नहीं है। इससे जानलेवा फंगल संक्रमण और ‘एंटीफंगल रेजिस्टेंस’ से निपटने के लिए भविष्य में नए और सटीक इलाज विकसित करने के रास्ते खुल गए हैं।

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY