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मोटे मुनाफे का लालच और 6 फर्जी आईडी… मुरादाबाद में कैफे से चल रहा था साइबर ठगी का खेल, 5 अरेस्ट​

Moradabad Cyber Fraud: यूपी के मुरादाबाद जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन Cyवज्र’ के तहत पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. साइबर थाना, साइबर सेल और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का कथित मास्टरमाइंड अभी फरार […]

Moradabad Cyber Fraud: यूपी के मुरादाबाद जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन Cyवज्र’ के तहत पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. साइबर थाना, साइबर सेल और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का कथित मास्टरमाइंड अभी फरार है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैभव रस्तोगी , अक्षित गुप्ता और योगेंद्र वर्मा के रूप में हुई है. तीनों आरोपी मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र के निवासी हैं. पुलिस ने इनके कब्जे से एक मोबाइल फोन और 6 फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं.

कैसे पकड़े गए आरोपी?

एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि केंद्रीय एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत की जांच के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के एक संदिग्ध खाते का पता चला. जांच में सामने आया कि इस खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेनदेन के लिए किया जा रहा था. इसके बाद साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.

कैफे से संचालित होता था गिरोह

पुलिस पूछताछ में वैभव रस्तोगी ने बताया कि बुद्ध विहार स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की इमारत के तीसरे तल पर संचालित एक कैफे में गिरोह की गतिविधियां संचालित होती थीं. वहीं दिल्ली निवासी कथित मास्टरमाइंड अरुण वर्मा ने उन्हें कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर निवेश के नाम पर साइबर ठगी का तरीका सिखाया था.

कैसे करते थे ठगी?

पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को निवेश पर मोटा रिटर्न देने का झांसा देकर रकम एसबीआई खाते में ट्रांसफर कराते थे. इसके बाद बैंक से नकदी निकालकर आपस में बांट लेते थे. पुलिस का दावा है कि गिरोह ने केवल मई महीने में ही करीब 1.93 लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया.

पुलिस दिल्ली निवासी फरार आरोपी अरुण वर्मा की तलाश में जुटी है और लगातार दबिश दे रही हैं. साथ ही पुलिस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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